केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा को जानकारी दी कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के कंप्यूटरीकरण की केंद्रीय क्षेत्र परियोजना की लागत बढ़कर 2,925.39 करोड़ रुपये हो गई है। यह अब 73,492 पैक्स इकाइयों को कवर करेगी, जबकि शुरुआती अनुमान 2,516 करोड़ रुपये में 63,000 इकाइयों का था।
प्रत्येक पैक्स को प्रशिक्षण के लिए 10,198 रुपये दिए जाएंगे, जिससे कुल 64.24 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में दो दिन का ईआरपी सॉफ्टवेयर प्रशिक्षण, सिस्टम इंटीग्रेटर द्वारा 14 दिन की हैंड-होल्डिंग सहायता और रिफ्रेशर सत्र शामिल हैं।
इस प्रशिक्षण में ईआरपी संचालन, डेटा एंट्री, लेखा, ऋण, खरीद और वितरण से जुड़ी प्रक्रियाएं शामिल हैं, साथ ही वेबिनार, हेल्पलाइन और क्षेत्रीय भाषाओं में मैनुअल की सुविधा भी दी जाएगी।
परियोजना का लक्ष्य सभी पैक्स को एक समान ईआरपी प्लेटफॉर्म पर लाना है, जिसे राज्य सहकारी बैंक (StCBs) और जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (DCCBs) के माध्यम से नाबार्ड से जोड़ा जाएगा।


