सहकारी बैंकों ने सामुदायिक-केंद्रित वित्तीय संस्थाओं के रूप में अपनी भूमिका को और मजबूत करते हुए अटल पेंशन योजना (APY) में बड़े पैमाने पर नामांकन सुनिश्चित किया है। पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा सोमवार को राजधानी में आयोजित एपीवाई वार्षिक सम्मान समारोह में इस उपलब्धि को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में वर्ष 2024-25 के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बैंकों, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBCs), लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर्स (LDMs) और शाखाओं को सम्मानित किया गया, जिसमें सहकारी बैंकों ने शीर्ष उपलब्धियों में अपना स्थान पक्का किया।
इस सूची में सबसे आगे रहा श्री महिला सेवा सहकारी बैंक, जिसने 400% लक्ष्य प्राप्त कर सराहनीय उदाहरण पेश किया। यह उपलब्धि महिलाओं द्वारा संचालित और समुदाय-आधारित सहकारिताओं की बढ़ती भूमिका और पेंशन सुरक्षा के प्रति उत्साह को दर्शाती है। इसके बाद आंध्र प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक (207%), साउथ कन्नरा जिला सहकारी बैंक (142%), मिज़ोरम को-ऑप एक्स बैंक (125%) और साबरकांठा जिला सहकारी बैंक (111%) ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
APY, जो असंगठित क्षेत्र के लिए भारत की प्रमुख अंशदायी पेंशन योजना है, ने 21 अगस्त 2025 तक 8.11 करोड़ ग्राहकों का आँकड़ा पार कर लिया है। वित्त वर्ष 2024-25 में ही 1.17 करोड़ नए नामांकन हुए, जिनमें 55% महिलाएँ और 46% युवा (18-25 वर्ष आयु वर्ग) रहे। इन दोनों ही वर्गों में सहकारी बैंकों ने मज़बूत पकड़ और विश्वास कायम किया है।
पीएफआरडीए के अध्यक्ष एस. रामन्न ने अपने मुख्य संबोधन में सहकारी बैंकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा, “सहकारी संस्थाएँ जमीनी स्तर पर पहुंच बनाकर ग्रामीण परिवारों, महिलाओं और पहली बार बचत करने वालों को जोड़ रही हैं। यही वजह है कि एपीवाई ने अब तक की सबसे तेज़ गति से 50 लाख नए ग्राहकों को एक ही वित्तीय वर्ष में जोड़ा है।”
योजना की संपत्ति प्रबंधन राशि (AUM) 48,000 करोड़ रुपये के पार पहुँच चुकी है और इसके शुरुआत से अब तक 9.12% की स्थिर वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की गई है।


