उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेश भर में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत सहकारिता विभाग द्वारा भव्य सहकारिता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का शुभारंभ सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद देशभर में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिली है, जिसमें उत्तराखंड ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
शिक्षा के क्षेत्र में सहकारिता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से मंत्री डॉ. रावत ने घोषणा की कि कक्षा 6 से छात्रों को सहकारिता आंदोलन का पाठ अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाएगा। इसके लिए निबंधक को एक समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य स्तर पर तैयार प्रस्ताव भारत सरकार को भी भेजा जाएगा, ताकि इसे केंद्रीय विद्यालयों के पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जा सके।
सहकारिता मंत्री ने यह भी बताया कि उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक के माध्यम से अब ठेली-रेहड़ी व्यवसायियों को 3 से 5 दिनों के लिए 5% ब्याज दर पर अल्पकालिक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में संचालित मिलेट्स मिशन योजना के तहत किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं। राज्य सरकार किसानों से मंडुवा की खरीद ₹4800 प्रति क्विंटल की दर से कर रही है, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक सहारा मिला है।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि विभाग ने महिलाओं को 21 हजार, 51 हजार और 1 लाख 10 हजार रुपये तक का बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जिससे वे स्वरोजगार और आय सृजन से जुड़ सकें। उन्होंने आगे कहा कि महिला समूहों को भारत दर्शन यात्रा के लिए 1 लाख से 3 लाख रुपये तक का ऋण भी प्रदान किया जाएगा जिससे वे देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से परिचित हो सकें।
सहकारिता मंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश के विभिन्न जिलों पौड़ी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में आयोजित सहकारिता मेलों में 70 हजार से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता रही। पौड़ी जिले में बंजर भूमि पर फूलों की खेती “वेस्ट से बेस्ट” का उदाहरण बन चुकी है। आगामी दिनों में उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, उधमसिंह नगर और चंपावत जिलों में भी सहकारिता मेले आयोजित किए जाएंगे।


