दुनियाभर में मच्छरों से फैलने वाली बीमारी चिकनगुनिया को लेकर खतरे की घंटी बज चुकी है। हाल ही में लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन, नागासाकी विश्वविद्यालय और सियोल स्थित अंतरराष्ट्रीय वैक्सीन संस्थान के शोधकर्ताओं ने एक वैश्विक अध्ययन में बताया है कि हर साल करीब 1.44 करोड़ लोग इस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। यह शोध बीएमजे ग्लोबल हेल्थ में प्रकाशित हुआ है।
अध्ययन के मुताबिक दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित देश भारत है। इसके बाद ब्राजील और इंडोनेशिया का स्थान है। भारत में अकेले हर साल करीब 1.21 करोड़ लोग चिकनगुनिया से प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल 51 लाख लोग पहले से ही इस बीमारी के खतरे में हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार चिकनगुनिया का वायरस नए इलाकों में तेजी से फैल रहा है। अगर यह नए क्षेत्रों तक पहुंच गया तो दुनिया में 3.49 करोड़ लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं। यह बीमारी शरीर पर लंबे समय तक असर डालती है और कई मरीजों को महीनों तक जोड़ों के दर्द और बुखार जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है।
अध्ययन में बताया गया है कि दुनियाभर में होने वाले कुल प्रभाव का लगभग 48% हिस्सा केवल भारत और ब्राजील में दर्ज होगा। वहीं संक्रमित होने वाले करीब 50% मरीज लंबे समय तक विकलांगता जैसी समस्याओं का सामना कर सकते हैं।
कैसे फैलता है चिकनगुनिया?
चिकनगुनिया का वायरस मुख्य रूप से दो प्रजातियों के मच्छरों से फैलता है।
- एडीज एजिप्टीस (Aedes aegypti) – यह मच्छर मुख्यत: दिन में काटता है, ये वही मच्छर हैं जो डेंगू और जीका वायरस फैलाते हैं।
- एडीज एल्बोपिक्टस (Aedes albopictus)– इसे एशियाई टाइगर मच्छर के रुप में भी जाना जाता है।
क्या है बचाव का तरीका?
- मच्छर पैदा न होने दें।
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
- कूलर का पानी रोज बदलें, व कीटनाशक की बूंदे डालें।
- मच्छर भगाने वाले केमिकल और स्प्रे का इस्तेमाल करें।
- पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
सबसे ज्यादा खतरे वाले 10 देश
इस अध्ययन में 10 देशों को सबसे ज्यादा खतरे वाला बताया गया है, जिनमें भारत पहले स्थान पर है।
- भारत – 51,45,703 संभावित मरीज
- ब्राजील – 16,68,611
- इंडोनेशिया – 13,28,264
- पाकिस्तान – 6,51,742
- मैक्सिको – 6,44,785
- फिलीपींस – 6,40,009
- थाईलैंड – 3,36,901
- कोलंबिया – 2,84,242
- बांग्लादेश – 2,77,034
- अर्जेंटीना – 2,37,974


