Trending News

 संसद के बजट सत्र का हुआ शुभारंभ, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को किया संबोधित, कहा- भारत के तेज विकास और विरासत के उत्सव के रूप में स्वर्णिम रहा बीता वर्ष         महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन, बारामती में लैंडिंग के समय प्लेन क्रैश में गई जान, प्लेन में सवार अजित पवार सहित सभी 6 लोगों की मौत         भारत और EU के बीच साइन हुआ दुनिया का सबसे बड़ा FTA, दुनिया की 20% GDP, 17% वैश्विक व्यापार और 25% से अधिक आबादी को कवर करेगी ये ट्रेड डील, दुनिया ने इस समझौते को बताया Mother Of All Deals         वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा, 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कारों की घोषणा, 19 महिलाएं और 16 लोगों को मरणोपरांत पद्म सम्मान       

उपराष्ट्रपति के निजी सचिव बने चंद्रशेखर एस, अमित खरे होंगे सचिव

अमित खरे को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में सचिव और बाद में शिक्षा सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें प्रधानमंत्री का सलाहकार बनाया गया था, जहां उन्होंने सामाजिक क्षेत्र से जुड़े मामलों को देखा।

Published: 11:54am, 15 Sep 2025

मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने दो महत्वपूर्ण नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है। केरल कैडर के 2014 बैच के आईएएस अधिकारी चंद्रशेखर एस. को नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का निजी सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अमित खरे को उपराष्ट्रपति का सचिव बनाया गया है।

कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DOPT) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, चंद्रशेखर एस. को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में उप निदेशक के पद से मुक्त कर दिया गया है। उनका केंद्रीय प्रतिनियुक्ति कार्यकाल 28 फरवरी 2028 तक जारी रहेगा या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो। वे उपराष्ट्रपति के साथ सह-अवधि के आधार पर कार्य करेंगे।

उप सचिव एनीस कन्नानी जॉय ने जारी किया ज्ञापन

केंद्र सरकार की उप सचिव एनीस कन्नानी जॉय द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन में कहा गया है, “चंद्रशेखर एस. को उपराष्ट्रपति सचिवालय में उप सचिव स्तर पर भारत के उपराष्ट्रपति (सी.पी. राधाकृष्णन) के निजी सचिव के रूप में 28 फरवरी, 2028 तक (अर्थात उनके चार साल के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति कार्यकाल की शेष अवधि के लिए) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से या भारत के उपराष्ट्रपति के कार्यकाल के साथ-साथ या जब तक वे भारत के उपराष्ट्रपति के निजी सचिव के रूप में कार्य करना बंद नहीं कर देते या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी होगी।”

प्रधानमंत्री कार्यालय में दे चुके हैं सेवा

वहीं, अमित खरे की नियुक्ति अनुबंध के आधार पर तीन वर्ष के लिए की गई है या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो। खरे का प्रशासनिक करियर बेहद विशिष्ट रहा है। वे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में सचिव और बाद में शिक्षा सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें प्रधानमंत्री का सलाहकार बनाया गया था, जहां उन्होंने सामाजिक क्षेत्र से जुड़े मामलों को देखा। अमित खरे 1990 के दशक में बिहार के कुख्यात चारा घोटाले का खुलासा करने के लिए भी जाने जाते हैं।

Diksha

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x