बिहार राज्य सरकार के सहकारिता विभाग के तत्वावधान में राज्य के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। मंगलवार को बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड तथा इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के मध्य एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य राज्य के ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में कार्यरत सहकारी बैंकों के ग्राहकों को स्वास्थ्य, जीवन, कृषि एवं दुर्घटना बीमा कवरेज प्रदान करना है।
इस अवसर पर बिहार के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि यह पहल केंद्र सरकार के सहकारिता मंत्रालय के मार्गदर्शन में ‘सहकारी बीमा सेवाएं’ नामक नए अभियान के अंतर्गत शुरू की गई है। मंत्री ने बताया कि इस योजना का मकसद जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य, जीवन, कृषि और दुर्घटना बीमा कवरेज उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक का विशाल नेटवर्क ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा।
बिहार के सहकारिता मंत्री ने बीमा कंपनी से आग्रह किया कि वे किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए नीतियों को सरल और सुलभ बनाएं, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवार इस योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने निर्देश दिया कि इस योजना का प्रचार-प्रसार राज्य की सभी पंचायतों तक किया जाए।
इस अवसर पर बिहार राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह ने जानकारी दी कि बैंक को ‘भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण’ (IRDAI) से कॉरपोरेट एजेंट के रूप में कंपोजिट निबंधन प्राप्त हो गया है। इस मान्यता के बाद बैंक अब विभिन्न बीमा कंपनियों के उत्पाद सीधे अपने ग्राहकों और आम जनता तक पहुंचाने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा कि यह बैंकिंग सेवाओं के विस्तार में एक ऐतिहासिक कदम है और इससे राज्य के किसानों को बीमा योजनाओं की सहज उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
एमओयू पर बिहार राज्य सहकारी बैंक की ओर से उप महाप्रबंधक श्रींद्र नारायण और इफको टोकियो की ओर से कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट विपुल गुप्ता ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सहकारिता विभाग के अपर सचिव अभय कुमार सिंह, विधायक जितेंद्र कुमार, इफको के उपाध्यक्ष विपुल गुप्ता और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विशेषज्ञों ने इस साझेदारी को बिहार के ग्रामीण वित्तीय ढांचे के लिए मील का पत्थर बताया, जिससे किसानों की ऋण सुरक्षा और जीवन सुरक्षा दोनों को सुदृढ़ किया जा सकेगा।
इस पहल से अब किसानों को बीमा के लिए निजी कंपनियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे अपने नजदीकी सहकारी बैंक की शाखा से ही अपनी आवश्यकताओं के अनुसार बीमा योजनाएं चुन सकेंगे। इस प्रकार, यह समझौता राज्य में ग्रामीण जीवन को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित होगा।


