बिहार सरकार ने किसानों के कल्याण और राज्य के कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार, 17 जून 2025 को आयोजित कैबिनेट बैठक में कई जनहितकारी निर्णय लिए गए। इनमें सबसे अहम रहा रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए चना, मसूर, और सरसों जैसी दलहन और तिलहन फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित करना। इस फैसले से बिहार के लाखों किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को नया बल मिलेगा।
कैबिनेट ने चना का MSP 5,650 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर का 6,700 रुपये प्रति क्विंटल, और सरसों का 5,950 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। यह निर्णय सुनिश्चित करता है कि किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य मिले और बाजार में मूल्य में उतार-चढ़ाव के कारण होने वाले नुकसान से उनकी रक्षा हो। इस कदम से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि बिहार में दलहन और तिलहन की खेती को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे राज्य की आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रगति होगी।
खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए सरकार ने प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) और व्यापार मंडलों के माध्यम से सीधे खरीद की व्यवस्था लागू की है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और न ही उन्हें लंबा इंतजार करना होगा। खरीद प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। साथ ही, राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) जैसी केंद्रीय एजेंसियों को भी खरीद प्रक्रिया में शामिल किया गया है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खरीद समयबद्ध, पारदर्शी और किसान हित में हो।
इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने राज्य में छह नए छोटे हवाई अड्डों के निर्माण और पटना में पांच सितारा होटल की स्थापना जैसे अन्य विकास परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। ये निर्णय बिहार के समग्र विकास और आर्थिक प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।


