अरुणाचल प्रदेश में सहकारी आंदोलन को नई ऊर्जा देते हुए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) ने राज्य की नौ सहकारी समितियों को सहकारी उत्कृष्टता और योग्यता के लिए क्षेत्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया। यह सम्मान समारोह इटानगर स्थित सिविल सचिवालय में आयोजित किया गया, जहाँ सहकारिता से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अरुणाचल प्रदेश सरकार की सहकारिता सचिव एवं सहकारी समितियों की रजिस्ट्रार डॉ. सोनल स्वरूप, आईएएस रहीं। उनके साथ संयुक्त सहकारिता रजिस्ट्रार मिची गोंबो और एनसीडीसी के नाहरलागुन सैटेलाइट कार्यालय के उप निदेशक संदीप शंकर पवार भी मंच पर उपस्थित थे।
अपने संबोधन में डॉ. सोनल स्वरूप ने कहा कि सहकारी संस्थाएं समावेशी आर्थिक विकास की रीढ़ हैं, खासकर अरुणाचल प्रदेश जैसे दूरदराज और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य में। उन्होंने बताया कि सहकारिताएं स्थानीय लोगों को सशक्त बनाती हैं, सामूहिक उद्यमिता को बढ़ावा देती हैं और रोजगार, आजीविका तथा वित्तीय समावेशन के जरिए आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत आधार तैयार करती हैं।
NCDC के ये क्षेत्रीय पुरस्कार उन सहकारी समितियों को दिए जाते हैं जिन्होंने पारदर्शी संचालन, वित्तीय अनुशासन, सक्रिय सदस्य सहभागिता और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया हो। इस वर्ष चुनी गई नौ समितियों ने लगातार अच्छा काम करते हुए जमीनी स्तर पर सामाजिक और आर्थिक बदलाव में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
समारोह में उपस्थित अधिकारियों ने विश्वास जताया कि यह सम्मान राज्य की अन्य सहकारी संस्थाओं को भी बेहतर कार्यप्रणाली अपनाने, सेवा वितरण में सुधार करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही इससे किसान, कारीगर, स्वयं सहायता समूह और युवा बड़ी संख्या में सहकारी गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
कार्यक्रम का समापन पुरस्कार विजेता समितियों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद सत्र के साथ हुआ, जिसमें संस्थागत क्षमता निर्माण और भविष्य में एनसीडीसी के सहयोग से विकास की संभावनाओं पर चर्चा की गई। यह समारोह अरुणाचल प्रदेश में एक मजबूत, जीवंत और टिकाऊ सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए राज्य सरकार और एनसीडीसी की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


