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सहकारी बैंकों से CGTMSE योजना से जुड़ने की अपील, ताकि छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिले

सरकार का बड़ा कदम: सहकारी बैंकों को MSEs को कर्ज देने के लिए प्रोत्साहन, 28 फरवरी 2025 से नए नियम होंगे लागू

Published: 12:17pm, 04 Aug 2025

देश के छोटे और मझोले उद्यमों (MSEs) को आसान और गारंटी रहित कर्ज मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सहकारिता मंत्रालय ने हाल ही में शहरी सहकारी बैंकों (UCBs), राज्य सहकारी बैंकों (StCBs) और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (DCCBs) से आग्रह किया है कि वे CGTMSE (क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज) की योजना के तहत मेंबर लेंडिंग इंस्टीट्यूशन (MLI) के रूप में खुद को रजिस्टर कराएं।

सरकार ने इस संबंध में सहकारी बैंकों के लिए पात्रता नियमों को आसान बना दिया है, जो 28 फरवरी 2025 से लागू होंगे। इसके तहत अब वे बैंक भी इस योजना में शामिल हो सकते हैं जिनका सकल एनपीए (Gross NPA) 7% तक है, जबकि पहले यह सीमा 5% थी।

इसके अलावा, अब बैंकों को पिछले तीन वित्तीय वर्षों में से कम से कम दो वर्षों में लाभ में होना जरूरी है, जबकि पहले तीनों साल लगातार लाभ में होना जरूरी था। साथ ही, शेड्यूल्ड UCBs के लिए 750 करोड़ रुपये की डिमांड एंड टाइम लायबिलिटी (DTL) बनाए रखने की शर्त भी हटा दी गई है। इससे अब मंझोले और छोटे सहकारी बैंकों के लिए भी योजना में शामिल होना आसान हो गया है।

फिलहाल देश में 115 सहकारी बैंक CGTMSE के तहत MLI के रूप में रजिस्टर्ड हैं, जिनमें 15 शेड्यूल्ड UCBs और 100 अन्य सहकारी बैंक शामिल हैं। ट्रस्ट ने जानकारी दी है कि फिलहाल कोई आवेदन लंबित नहीं है और सभी नए आवेदन नए नियमों के तहत तेजी से प्रोसेस किए जाएंगे।

सरकार का मानना है कि इस पहल से छोटे व्यवसायों को बिना जमानत कर्ज आसानी से मिलेगा, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण तथा शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मंत्रालय ने सभी पात्र सहकारी बैंकों से अपील की है कि वे इस मौके का फायदा उठाएं और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

सहकारिता मंत्रालय की ओर से जारी पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि –

“28.02.2025 से सहकारी बैंकों के MLI के रूप में रजिस्ट्रेशन के नियमों में संशोधन किया गया है। अब 7% या उससे कम NPA वाले बैंक रजिस्ट्रेशन के पात्र होंगे। सभी सहकारी बैंकों से अनुरोध है कि वे CGTMSE की क्रेडिट गारंटी योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कराएं, ताकि वे MSE सेक्टर को कर्ज देने में अहम भूमिका निभा सकें और देश में आर्थिक विकास व रोजगार सृजन को आगे बढ़ा सकें।”

YuvaSahakar Desk

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