आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य में किसानों और छात्रों के कल्याण के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाओं, ‘अन्नदाता सुखीभव’ और ‘तल्लीकि वंदनम’, को लागू करने की घोषणा की है। ये योजनाएं तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार की ‘सुपर सिक्स’ गारंटियों का हिस्सा हैं, जिन्हें सरकार के पहले वर्ष में लागू किया जा रहा है।
अन्नदाता सुखीभव: किसानों के लिए वित्तीय सहायता
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ‘अन्नदाता सुखीभव’ योजना 20 जून 2025 से शुरू होगी, जिसके तहत प्रत्येक पात्र किसान को प्रतिवर्ष 20,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस राशि में केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ योजना के तहत 6,000 रुपये शामिल हैं, जबकि शेष 14,000 रुपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे। श्री नायडू ने बताया कि पिछली वाईएसआर कांग्रेस सरकार ने किसानों को केवल 7,500 रुपये की सहायता प्रदान की थी, जबकि वर्तमान सरकार 6,500 रुपये अधिक दे रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि और उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों सहित किरायेदार किसानों को भी लाभ पहुंचाएगी, जिससे कृषि क्षेत्र में उत्पादकता और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
तल्लीकि वंदनम: शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता
‘तल्लीकि वंदनम’ योजना के तहत, सरकार 67,27,164 छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, जो पिछली सरकार की ‘अम्मा वोडी’ योजना के 42,61,965 लाभार्थियों की तुलना में 24,65,199 अधिक है। इस योजना पर कुल 10,091 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसमें से 8,745 करोड़ रुपये प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से माताओं के बैंक खातों में जमा किए जाएंगे और 1,346 करोड़ रुपये स्कूलों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए उपयोग होंगे। प्रत्येक स्कूल जाने वाले बच्चे के लिए माता को प्रतिवर्ष 15,000 रुपये की सहायता दी जाएगी, जिसमें से 2,000 रुपये स्कूलों की रखरखाव, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं के लिए काटे जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने वादा किया था कि एक परिवार में कितने भी बच्चे हों, प्रत्येक छात्र को इस योजना का लाभ मिलेगा। आज हमने यह वादा पूरा किया है।” लाभार्थियों की सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, यह सूची ग्राम और वार्ड सचिवालयों में प्रदर्शित की जाएगी। लाभार्थियों को अंतिम रूप देने की समयसीमा 26 जून 2025 तक निर्धारित की गई है, और अंतिम सूची 30 जून 2025 को जारी होगी। इस योजना में 29.82 लाख पिछड़ा वर्ग (बीसी), 11.76 लाख अनुसूचित जाति (एससी), 4.26 लाख अनुसूचित जनजाति (एसटी), 66,500 अल्पसंख्यक और 8.44 लाख आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईबीसी) के छात्र शामिल हैं। परिवारों के आंकड़ों के अनुसार, 18.55 लाख परिवारों में एक बच्चा, 29.10 लाख में दो, 6.32 लाख में तीन और 80,212 माताओं के चार बच्चे हैं।
सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार शिक्षा और कृषि को प्राथमिकता दे रही है, जो राज्य के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। ‘तल्लीकि वंदनम’ योजना का उद्देश्य शिक्षा को अधिक समावेशी और सुलभ बनाना है, जबकि ‘अन्नदाता सुखीभव’ योजना किसानों की आय और उत्पादकता बढ़ाने में सहायक होगी। दोनों योजनाएं आंध्र प्रदेश को ‘स्वर्ण आंध्र 2047’ के विजन की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।


