महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने और सहकारिता के जरिए समृद्धि के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में नेशनल कोऑपरेटिव यूनियन ऑफ इंडिया (NCUI) ने एक अहम कदम उठाया है। 19 दिसंबर 2025 को NCUI और वी शक्ति ट्रस्ट के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
इस सहयोग का उद्देश्य राजस्थान समेत अन्य राज्यों में महिलाओं और कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाना है। मौके पर मौजूद अधिकारियों के मुताबिक इस साझेदारी के तहत महिलाओं के लिए ऐसे आजीविका अवसर तैयार किए जाएंगे जो लंबे समय तक टिके रहें। इसके लिए क्षमता निर्माण के व्यवस्थित प्रशिक्षण और संस्थागत सहयोग पर खास जोर रहेगा।
एमओयू के तहत सहकारी ढांचे और सामुदायिक मॉडल का इस्तेमाल करते हुए महिलाओं के कौशल विकास को आगे बढ़ाया जाएगा। NCUI और वी शक्ति ट्रस्ट मिलकर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करेंगे, जिनमें पारंपरिक हुनर के साथ-साथ आज के समय की जरूरतों के मुताबिक आधुनिक कौशल भी सिखाए जाएंगे। इसका सीधा फायदा महिला-नेतृत्व वाले समूहों और कारीगरों को मिलेगा।
वी शक्ति ट्रस्ट लंबे समय से महिला सशक्तिकरण, बाल शिक्षा और युवा विकास के क्षेत्र में काम कर रहा है। ट्रस्ट से जुड़े कार्यक्रमों में कौशल विकास, मोबाइल लर्निंग प्लेटफॉर्म और खेल आधारित पहल शामिल हैं। संस्था का मानना है कि जब महिलाएं मजबूत होती हैं, तो उसका असर पूरे परिवार और समाज पर साफ दिखाई देता है।
एमओयू पर NCUI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुधीर महाजन, सेवानिवृत्त आईएएस और वी शक्ति ट्रस्ट की संस्थापक प्रज्ञा यादव ने दोनों संस्थाओं के अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए। इस मौके पर डॉ. महाजन ने कहा कि NCUI सहकारी आंदोलन की शीर्ष संस्था के रूप में महिलाओं के समूहों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, क्षमता निर्माण और नीति समर्थन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वहीं प्रज्ञा यादव ने अलवर और आसपास के जिलों में स्वयं सहायता समूहों के साथ किए जा रहे कामों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कौशल प्रशिक्षण, प्रदर्शनियों और बाजार से जोड़ने की पहल के जरिए महिलाओं को न सिर्फ आर्थिक आत्मनिर्भरता मिली है, बल्कि उनके उत्पादों को पहचान भी मिली है। उनका कहना था कि NCUI के साथ यह साझेदारी इन प्रयासों को और आगे ले जाएगी।
समझौते के तहत कौशल प्रशिक्षण के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी, व्यावसायिक शिक्षा और सहकारी समितियों के गठन व मजबूती पर खास फोकस रहेगा। इसके अलावा सीएसआर और अन्य संस्थागत साझेदारियों के जरिए महिलाओं तक पहुंच बढ़ाने और टिकाऊ आजीविका मॉडल को बढ़ावा देने की योजना है।
कुल मिलाकर यह साझेदारी महिला-नेतृत्व वाले विकास और समावेशी प्रगति की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। NCUI की संस्थागत समझ और वी शक्ति ट्रस्ट के जमीनी अनुभव के साथ यह प्रयास सहकारी आंदोलन को नई मजबूती देने की दिशा में एक ठोस कदम साबित हो सकता है।


