भारत के लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर अमूल ने उनको भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है, जिनके विजन ने भारत के सहकारी डेयरी आंदोलन की नींव रखी।
राष्ट्रीय दैनिकों में छपे एक पूरे पृष्ठ के विज्ञापन में अमूल ने याद दिलाया कि कैसे 1940 के दशक में, सरदार पटेल ने गुजरात के कैरा जिले के डेयरी किसानों को शोषण के खिलाफ एकजुट होने और भारत की पहली डेयरी सहकारी संस्था बनाने के लिए प्रेरित किया। एक ऐसा आंदोलन जिसने संघर्ष को ताकत और एकता को शक्ति में बदल दिया। उनकी दूरदर्शिता ने कैरा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ को जन्म दिया, जिसे अब दुनिया भर में अमूल के नाम से जाना जाता है। जो दुनिया की सबसे बड़ी किसान-स्वामित्व वाली डेयरी सहकारी संस्था और सबसे मजबूत खाद्य एवं डेयरी ब्रांडों में से एक है।
अमूल ने इस बात पर जोर दिया कि सरदार पटेल की विरासत उसकी यात्रा का मार्गदर्शन करती रहेगी तथा गुजरात में 36 लाख से अधिक महिला डेयरी किसान उनकी आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की भावना को आगे बढ़ा रही हैं।
इसी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (जीसीएमएमएफ) ने भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के मार्गदर्शन में इस वर्ष की शुरुआत में सरदार पटेल सहकारी डेयरी संघ लिमिटेड की स्थापना की है। इस नई बहु-राज्यीय सहकारी संस्था का लक्ष्य भारत को समृद्धि के एक नए युग में ले जाना और “श्वेत क्रांति 2.0” का सूत्रपात करना है।
इस श्रद्धांजलि के माध्यम से अमूल ने सरदार पटेल के एकता, आत्मनिर्भरता और सहकारी शक्ति के आदर्शों को संरक्षित करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। वही मूल्य जो भारत की डेयरी सफलता की कहानी को आकार देते रहे हैं।


