सहकारिता के क्षेत्र में भारत की प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय शहरी सहकारी बैंकों एवं क्रेडिट सोसायटीज महासंघ (NAFCUB) द्वारा 10-11 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘को-ऑप कुंभ 2025’ का आयोजन किया जिसका उद्घाटन आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने विज्ञान भवन में किया।
को-ऑप कुंभ 2025 के अवसर पर अमित शाह ने सहकारी समितियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म – ‘सहकार डिजी-पे’ और ‘सहकार डिजिलोन’ का शुभारंभ किया।
अमित शाह ने कहा कि “सहकार डिजी-पे” एक ऐसा डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म है जो सहकारी समितियों को पारदर्शी और कैशलेस लेनदेन की सुविधा प्रदान करेगा। यह प्लेटफॉर्म भीम यूपीआई द्वारा संचालित होगा, जिससे सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में दक्षता, पारदर्शिता और विश्वास को नई मजबूती मिलेगी।
इसी कार्यक्रम में उन्होंने “सहकार डिजिलोन” का भी शुभारंभ किया -एक डिजिटल प्लेटफॉर्म जो देशभर के सहकारी सदस्यों को कागज रहित, त्वरित और पारदर्शी ऋण एवं क्रेडिट सुविधा प्रदान करेगा।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि अगले पाँच वर्षों के भीतर दो लाख से अधिक आबादी वाले हर कस्बे में एक शहरी सहकारी बैंक स्थापित करने का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि शहरी सहकारी बैंक (UCBs) को महत्वाकांक्षी युवाओं और समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने नेफकॉब और अन्य शहरी सहकारी संगठनों से आग्रह किया कि वे एक नैतिक दिशानिर्देश (Code of Ethics) जारी करें, जिसके आधार पर प्रत्येक शहरी सहकारी बैंक अपने वित्तीय ढाँचे और संचालन प्रणाली को नया स्वरूप दे सके।
अमित शाह ने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल सहकारी आंदोलन को मजबूत करना नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के आर्थिक उत्थान को भी सुनिश्चित करना है।”


