केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजधानी दिल्ली में यमुना नदी की सफाई, पेयजल आपूर्ति और सीवेज व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटील, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान अमित शाह ने कहा कि यमुना नदी केवल एक जल स्रोत नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यमुना की सफाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इस दिशा में ठोस कदम उठाने के उद्देश्य से उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय को निर्देशित किया कि देशभर में संचालित सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) के लिए एक मानकीकृत संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाए। इस SOP में गुणवत्ता मानकों, रख-रखाव प्रणाली और डिस्चार्ज नियमन को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाए और इसे अन्य राज्यों के साथ साझा कर कार्यान्वयन में समानता सुनिश्चित की जाए।
अमित शाह ने दिल्ली की जल और ड्रेनेज प्रणाली की योजना आगामी 20 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इसके सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जल बोर्ड में रिक्त पदों को शीघ्र भरने तथा वितरण प्रणाली में सुधार के लिए पाइपलाइन लीकेज को रोकने हेतु ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही गृह मंत्री ने नालों की सफाई के लिए वैश्विक मानकों की तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता जताई, जिससे दिल्लीवासियों को स्वच्छ पेयजल और बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराया जा सके। इस बैठक में लिए गए निर्णय राजधानी की जल व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माने जा रहे हैं।


