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NCUI में चुनावी देरी के बीच सरकार ने प्रशासक नियुक्त किया, सिद्धार्थ जैन को सौंपी जिम्मेदारी

प्रशासक की नियुक्ति की पुष्टि करते हुए वर्तमान अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने गुजरात के कच्छ से सोमवार को कहा कि वे शीघ्र ही दिल्ली जाएंगे और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे

Published: 14:40pm, 20 Jan 2026

सहकारी क्षेत्र के कई पर्यवेक्षकों को चौंकाते हुए केंद्र सरकार ने शीर्ष सहकारी संस्था नेशनल कोऑपरेटिव यूनियन ऑफ इंडिया (NCUI) में प्रशासक की नियुक्ति कर दी है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब NCUI में चुनाव तय समय पर नहीं हो पाए और मौजूदा बोर्ड का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो गया था।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तथा निदेशक मंडल और पदाधिकारियों के स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने और संस्था के सुचारु संचालन के उद्देश्य से, केंद्र सरकार ने सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव सिद्धार्थ जैन को बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 की धारा 123(1) के तहत NCUI का प्रशासक नियुक्त किया है।

यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और इसकी अवधि अधिकतम छह माह की होगी। इस दौरान प्रशासक संस्था के दैनिक कार्यों की देखरेख करेंगे और अधिनियम व उसके अंतर्गत बने नियमों के अनुसार चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने में सहयोग करेंगे।

सिद्धार्थ जैन एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हैं और उन्हें व्यापक प्रशासनिक अनुभव प्राप्त है। वे खम्मम, पश्चिम गोदावरी और चित्तूर जैसे जिलों में जिला कलेक्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वे उद्योग आयुक्त, बंदरगाह निदेशक, आयुक्त (पंजीकरण और स्टाम्प) और नागरिक आपूर्ति आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रहे हैं। वे विशेष रूप से शासन और सहकारी क्षेत्र के विकास में अपनी मजबूत प्रशासनिक और नीतिगत विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं

संशोधित बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 की धारा 123 में स्पष्ट रूप से प्रावधान है कि यदि बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हो जाए और नया बोर्ड निर्वाचित न हो, तो पुराने बोर्ड का बने रहना संभव नहीं है और ऐसी स्थिति में प्रशासक की नियुक्ति अनिवार्य हो जाती है। इसके अलावा अधिनियम की धारा 45 किसी भी बहु-राज्य सहकारी संस्था के बोर्ड के कार्यकाल को निर्धारित अवधि से आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं देती।

इसी के तहत NCUI की गवर्निंग काउंसिल (GC) को भंग कर प्रशासक नियुक्त किया जा सकता है, जो संस्था के कार्यों का संचालन करेगा और सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण को नए GC के चुनाव कराने में आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा।

बताया गया है कि NCUI अपने उपविधियों (बाय-लॉज) में संशोधन और केंद्रीय रजिस्ट्रार कार्यालय से उनकी स्वीकृति में हुई देरी के कारण निर्धारित समयसीमा में नए बोर्ड का चुनाव नहीं करा सकी।

इस बीच, सहकार भारती ने प्रस्तावित संशोधनों के कुछ प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की थी। संगठन ने NCUI की लोकतांत्रिक प्रकृति को बनाए रखने को लेकर चिंता व्यक्त की थी।

प्रशासक की नियुक्ति की पुष्टि करते हुए वर्तमान अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने गुजरात के कच्छ से सोमवार को कहा कि वे शीघ्र ही दिल्ली जाएंगे और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं उनसे अनुरोध करूंगा कि NCUI के चुनाव जल्द से जल्द कराए जाएं।”

कानूनी प्रावधानों के अलावा NCUI में तेजी से बदलते घटनाक्रमों के बीच सहकार भारती की भूमिका की ओर भी अंदरूनी सूत्रों ने इशारा किया है। सूत्रों के अनुसार गवर्निंग काउंसिल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सहकार भारती ने मंत्रालय से प्रशासक नियुक्त करने की अपील की थी।

Diksha

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