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एयर इंडिया ने मां-बेटी को फ्लाइट में नहीं चढ़ने दिया, कोर्ट ने लगाया 2.90 लाख का जुर्माना

ड्यूटी ऑफिसर ने पासपोर्ट को बताया 'खराब', मजबूरी में दूसरी फ्लाइट से करना पड़ा सफर

Published: 15:49pm, 22 Jul 2025

गुरुग्राम की उपभोक्ता कोर्ट ने एयर इंडिया को 2.90 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मुआवजा एक महिला तनु और उनकी पांच साल की बेटी को नहीं चढ़ने देने के मामले में दिया गया है।

यह घटना 31 जुलाई 2023 की है, जब तनु लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की फ्लाइट पकड़ने पहुंचीं। वह अपनी बेटी के साथ दिल्ली आने वाली थीं। लेकिन एयर इंडिया की ड्यूटी ऑफिसर मिरुना ने उनके पासपोर्ट को ‘खराब’ बता दिया और उन्हें बोर्डिंग पास देने से मना कर दिया।

तनु ने बताया कि उनका पासपोर्ट पूरी तरह वैध था और वह पहले भी उसी पासपोर्ट से कई बार यात्रा कर चुकी थीं। लेकिन एयर इंडिया की अधिकारी ने उनकी बात नहीं मानी और बुरा व्यवहार भी किया।

मजबूरी में तनु को उसी दिन वर्जिन अटलांटिक की फ्लाइट से टिकट खरीदना पड़ा, जिसकी कीमत 1.92 लाख रुपये थी। इसके अलावा उनकी दिल्ली से लंदन की वापसी की फ्लाइट भी कैंसिल हो गई, जिससे उन्हें और 36 हजार रुपये का नुकसान हुआ।

तनु ने कोर्ट में शिकायत दर्ज की और टिकट, पासपोर्ट व सभी जरूरी दस्तावेज पेश किए। कोर्ट ने माना कि एयर इंडिया की गलती थी और यह सेवा में कमी का मामला है।

कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि एयर इंडिया को तनु को कुल 2.90 लाख रुपये मुआवजा देना होगा, जिसमें टिकट, कैंसिलेशन चार्ज और टैक्सी खर्च शामिल हैं।

यह मामला सभी एयरलाइन कंपनियों के लिए एक सबक है कि यात्रियों के साथ सही व्यवहार और सेवा देना उनकी जिम्मेदारी है।

YuvaSahakar Desk

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