भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा पूसा, नई दिल्ली में आयोजित पशु नस्ल पंजीकरण प्रमाणपत्र एवं नस्ल संरक्षण पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) और आईसीएआर के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) संपन्न हुआ। यह समझौता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में किया गया।
इस अवसर पर कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव एवं आईसीएआर के महानिदेशक मांगी लाल जाट, पशुपालन एवं डेयरी विभाग की अपर सचिव वर्षा जोशी, आईसीएआर के उप महानिदेशक (पशु विज्ञान) डॉ. राघवेन्द्र भट्टा, आईसीएआर-एनबीएजीआर के निदेशक राजेश कुमार, एनडीडीबी के क्षेत्रीय प्रमुख डॉ. नारायण एच. मोहन सहित आईसीएआर के विभिन्न संस्थानों के प्रमुख एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
आईसीएआर और एनडीडीबी के बीच हुआ यह समझौता पशु प्रजनन एवं आनुवंशिकी, पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य, चारा प्रबंधन, पशुधन उत्पादन, डेयरी प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन जैसे क्षेत्रों के साथ-साथ बागवानी, सब्जियों और तिलहन क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देगा। इसके अंतर्गत उच्च उपज वाली किस्मों के जर्मप्लाज्म, वैज्ञानिक पद्धतियों और संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं के आदान-प्रदान का भी प्रावधान है।
इस साझेदारी का उद्देश्य उन्नत और संभावनाशील प्रौद्योगिकियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है, ताकि किसान अपनी उत्पादकता, आय और आजीविका में वृद्धि कर सकें।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस पहल के लिए एनडीडीबी को बधाई देते हुए कहा कि इस समझौते के माध्यम से एनडीडीबी और आईसीएआर मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करेंगी, जिससे तकनीकों का प्रभावी ढंग से प्रसार हो सके। उन्होंने कहा कि एनडीडीबी का व्यापक नेटवर्क और मजबूत आधार इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


