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‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में PACS की अहम भूमिका पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

कार्यशाला में इस बात पर गहन मंथन किया गया कि किस प्रकार PACS को स्मार्ट, तकनीक आधारित और बहुउद्देशीय सहकारी संस्थाओं के रूप में विकसित किया जाए, ताकि वे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में प्रभावी योगदान दे सकें

Published: 10:00am, 16 Jan 2026

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) ने नई दिल्ली में “विकसित भारत 2047 के लिए PACS-आधारित स्मार्ट सहकारी संस्थाओं का निर्माण” विषय पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में देश की दीर्घकालिक विकास परिकल्पना में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) की भूमिका पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।

कार्यशाला की अध्यक्षता एनसीयूआई, इफको और गुजरात कोऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी (GUJCOMASOL) के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने की। हाल ही में उन्हें PHDCCI की सहकारी समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए दिलीप संघाणी ने कहा कि यह विषय दूरदर्शी है और सहकारी आंदोलन की भविष्य की दिशा तय करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल देशभर में PACS को सशक्त, आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

संघाणी ने सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद से उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में PACS को मजबूत, आधुनिक और बहुउद्देशीय बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री के नेतृत्व में सहकारी क्षेत्र के लिए किए गए सुधारात्मक कदम सराहनीय हैं।

उन्होंने बताया कि देशभर में नए मॉडल उपनियमों (Model Bye-laws) के क्रियान्वयन से सहकारी विकास को गति मिलेगी। हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने कहा कि “यहां तक कि ममता दीदी, जो आमतौर पर केंद्र सरकार की पहलों को पसंद नहीं करतीं, उन्होंने भी PACS के लिए नए मॉडल उपनियमों का स्वागत किया है।”

दिलीप संघाणी ने आगे कहा कि PACS का कंप्यूटरीकरण, बहु-राज्य सहकारी समितियों से जुड़े नीतिगत सुधार, तथा पारदर्शिता और जवाबदेही पर बढ़ते जोर ने सहकारी आंदोलन को नई ऊर्जा दी है।

कार्यशाला में इस बात पर गहन मंथन किया गया कि किस प्रकार PACS को स्मार्ट, तकनीक आधारित और बहुउद्देशीय सहकारी संस्थाओं के रूप में विकसित किया जाए, ताकि वे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में प्रभावी योगदान दे सकें।

इस राष्ट्रीय कार्यशाला में देशभर से PACS के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा राष्ट्रीय सहकारी संघों से जुड़े बड़ी संख्या में सहकार कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में सुधांशु (सचिव, एपीडा), प्रकाश नैनकवरे (प्रबंध निदेशक, NFCSSF), रंजीत मेहता (मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं महासचिव, PHDCCI) और जतिंदर सिंह (उप महासचिव, PHDCCI) सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

Diksha

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