महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य सरकार जल्द ही महिलाओं की सहकारी समितियों का गठन और पंजीकरण करेगी। उन्होंने कहा कि इन समितियों को उद्योग, वाणिज्य और व्यापार से जुड़े सरकारी ठेके उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि महिलाएं आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फडणवीस ने आश्वासन दिया कि 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले लागू की गई किसी भी कल्याणकारी योजना को अगले पांच वर्षों तक बंद नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिला सहकारी समितियों को न सिर्फ पंजीकृत किया जाएगा, बल्कि उन्हें राज्य सरकार के कार्य आदेशों में हिस्सेदारी और अधिकार भी दिए जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण देने के ऐतिहासिक निर्णय का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अब उन विकसित देशों की राह पर है, जहां महिलाओं को समान अवसर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा, “पचास फीसदी आरक्षण के बाद अब कोई भी फैसला महिलाओं की सहमति के बिना नहीं लिया जा सकता। पहले महिलाएं घरों में ‘गृह मंत्री’ कहलाती थीं, अब उन्हें शासन में नेतृत्व की भूमिका मिल रही है।”


