भारत और इजराइल ने मत्स्य पालन और जलीय कृषि (Aquaculture) में सहयोग को मजबूत करने के लिए संयुक्त मंत्रीस्तरीय घोषणा (Joint Ministerial Declaration of Intent) पर हस्ताक्षर किए, जो उनके रणनीतिक साझेदारी के नए चरण का संकेत देती है।
घोषणा पर 14 जनवरी 2026 को इजराइल में एक उच्चस्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान हस्ताक्षर किए गए। यह प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी और पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह के नेतृत्व में था और उन्होंने “ब्लू फूड सिक्योरिटी: सी द फ्यूचर 2026” शिखर सम्मेलन में भाग लिया, जो ईलाट में आयोजित हुआ।
यह समझौता उन्नत जलीय कृषि तकनीकों में सहयोग के लिए व्यापक ढांचा प्रस्तुत करता है, जिसमें रिसर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम, बायोफ्लॉक, केज कल्चर, एक्वापोनिक्स, मैरीकल्चर और समुद्री शैवाल की खेती शामिल हैं। इसके अलावा, उच्च उपज देने वाली प्रजातियों, ब्रीडस्टॉक विकास, आनुवंशिक सुधार, रोग-मुक्त बीज और इजराइली तकनीकों का उपयोग कर जल-कुशल जलीय कृषि पर संयुक्त शोध भी शामिल है।
घोषणा में सतत मत्स्य पालन प्रथाओं, तकनीक आधारित निगरानी, क्षमता निर्माण, स्टार्टअप एक्सचेंज और मछुआरों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया है। यह द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने और मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि में नए इंडो-इज़राइल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की संभावनाओं का भी मार्ग प्रशस्त करती है, जिससे दोनों देशों की ब्लू इकॉनमी और खाद्य सुरक्षा मजबूत हो।


