Trending News

PM मोदी ने किया उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े गंगा एक्सप्रेस वे का उद्घाटन, मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा है गंगा एक्सप्रेस वे, 6 घंटे में तय हो सकेगी मेरठ से प्रयागराज की दूरी पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान जारी, 142 विधानसभा सीटों पर डाले जा रहे वोट, 1 बजे तक 61.11 % मतदान मौसम: दिल्ली-NCR में बारिश से मौसम हुआ सुहाना, छत्तीसगढ़ और झारखंड में आंधी, ओलावृष्टि की आशंका, बिहार, राजस्थान, यूपी, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट PM मोदी ने किया उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े गंगा एक्सप्रेस वे का उद्घाटन, मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा है गंगा एक्सप्रेस वे, 6 घंटे में तय हो सकेगी मेरठ से प्रयागराज की दूरी पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान जारी, 142 विधानसभा सीटों पर डाले जा रहे वोट, 1 बजे तक 61.11 % मतदान मौसम: दिल्ली-NCR में बारिश से मौसम हुआ सुहाना, छत्तीसगढ़ और झारखंड में आंधी, ओलावृष्टि की आशंका, बिहार, राजस्थान, यूपी, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट

DMRC भारत टैक्सी के साथ मिलकर शुरू करेगा इंटीग्रेटेड लास्ट माइल कनेक्टिविटी सेवा

डीएमआरसी ने सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, सहकार टैक्सी एक बहु-राज्य सहकारी संस्था है, जो “भारत टैक्सी” नामक मोबिलिटी प्लेटफॉर्म का संचालन करती है

Published: 12:38pm, 15 Jan 2026

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में निर्बाध शहरी परिवहन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इंटीग्रेटेड लास्ट माइल कनेक्टिविटी (LMC) सेवाएं शुरू करने जा रहा है। यह पहल आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) की परिकल्पना के अनुरूप है और दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

दिल्ली मेट्रो एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ बन चुकी है और प्रतिदिन लाखों यात्रियों को सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद सेवा प्रदान करती है। हालांकि मेट्रो स्टेशनों से अंतिम गंतव्य तक सुविधाजनक और किफायती लास्ट माइल कनेक्टिविटी की कमी एक बड़ी चुनौती रही है। इसे ध्यान में रखते हुए डीएमआरसी ने संगठित लास्ट माइल मोबिलिटी सेवाओं को मेट्रो संचालन से जोड़ने का निर्णय लिया है।

इस दिशा में डीएमआरसी ने सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। सहकार टैक्सी एक बहु-राज्य सहकारी संस्था है, जो “भारत टैक्सी” नामक मोबिलिटी प्लेटफॉर्म का संचालन करती है। यह प्लेटफॉर्म भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की पहल है और सहकारी आधारित आर्थिक मॉडल को बढ़ावा देने के साथ पारदर्शी एवं न्यायसंगत सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

इस सहयोग के तहत डीएमआरसी के मेट्रो स्टेशनों से यात्रियों को बाइक टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और कैब सेवाओं के माध्यम से किफायती, सुरक्षित और विश्वसनीय लास्ट माइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रियों को दूरी, समय, लागत और सुविधा के आधार पर विभिन्न विकल्प मिलेंगे, जिससे असंगठित परिवहन साधनों पर निर्भरता कम होगी।

प्रारंभिक चरण में यह सेवाएं 10 चयनित मेट्रो स्टेशनों से शुरू की जाएंगी। इसके अलावा पायलट प्रोजेक्ट के तहत मिलेनियम सिटी सेंटर और बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशनों पर 31 जनवरी 2026 तक समर्पित बाइक टैक्सी सेवाएं शुरू की जाएंगी। इस पायलट के जरिए यात्रियों की प्रतिक्रिया, संचालन की व्यवहार्यता और सेवा की प्रभावशीलता का आकलन किया जाएगा।

इस पहल की एक प्रमुख विशेषता डिजिटल इंटीग्रेशन है। “भारत टैक्सी” मोबाइल ऐप, जो एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, को डीएमआरसी सारथी ऐप के साथ जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मेट्रो और लास्ट माइल सेवाओं की योजना बनाने, बुकिंग करने और यात्रा पूरी करने की सुविधा मिलेगी।

इस एकीकृत व्यवस्था से यात्री मेट्रो स्टेशनों पर उपलब्ध लास्ट माइल विकल्प देख सकेंगे, किराया अनुमान प्राप्त कर सकेंगे, वाहनों की ट्रैकिंग कर सकेंगे और आसानी से अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, प्रतीक्षा समय कम होगा और सेवा की विश्वसनीयता में सुधार होगा।

डीएमआरसी के अनुसार इस योजना के तहत किराए बाजार दरों के अनुरूप प्रतिस्पर्धी रहेंगे। मांग के अनुसार पीक आवर्स में किराए में बदलाव संभव होगा, लेकिन यात्रियों के हितों की रक्षा के लिए किराया वृद्धि की एक सीमा तय की जाएगी।

यात्रियों को जागरूक करने के लिए मेट्रो स्टेशनों पर सूचनात्मक साइनज लगाए जाएंगे, जिनमें लास्ट माइल सेवाओं की उपलब्धता, बुकिंग प्रक्रिया और सेवा स्थानों की जानकारी दी जाएगी।

यह पहल डीएमआरसी की सतत और पर्यावरण अनुकूल शहरी परिवहन की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है। बेहतर लास्ट माइल कनेक्टिविटी के जरिए निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, जिससे वाहन उत्सर्जन में कमी और वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।

Diksha