केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के तत्वाधान में आज 12 जनवरी को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर का ‘कोऑपरेटिव चिंतन शिविर’ आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के सहकारी और आर्थिक पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने में पेशेवरों की बदलती भूमिका पर विचार-विमर्श करना है।
चिंतन शिविर का मुख्य विषय “चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) की विस्तारित भूमिका के माध्यम से भारत के आर्थिक भविष्य का रूपांतरण” रखा गया है। इसमें सहकारी संस्थाओं और उनसे जुड़े संगठनों में सुशासन, पारदर्शिता और वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की विशेषज्ञता के योगदान पर विशेष चर्चा होगी।
कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री और ऋषिहुड विश्वविद्यालय के संस्थापक चांसलर सुरेश प्रभु भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। उनके आर्थिक नीति और संस्थागत विकास से जुड़े अनुभव इस विमर्श को और अधिक प्रभावशाली बनाएंगे।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, पेशेवरों और विभिन्न हितधारकों के एक मंच पर आने की संभावना है, जहां सहकारी क्षेत्र के विकास और व्यापक राष्ट्रीय आर्थिक परिवर्तन के लिए पेशेवर क्षमताओं के बेहतर उपयोग पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा।


