पोषण सुरक्षा और कुपोषण उन्मूलन में कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) की भूमिका पर एक राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह), केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज राज्य मंत्री एस. पी. सिंह बघेल, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन, सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर भी शामिल हुए। इसके अतिरिक्त सहकारिता मंत्रालय के सचिव आशीष कुमार भूटानी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार तथा एनडीडीबी एनएफएन के अध्यक्ष मीनेश शाह की भी उपस्थिति रही।
कॉन्क्लेव के दौरान एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रीशन (NFN) की दो प्रमुख पोषण पहलों का शुभारंभ किया गया। इनमें शिशु पोषण पर केंद्रित ‘शिशु संजीवन’ कार्यक्रम और स्कूली बच्चों के लिए ‘गिफ्टमिल्क कार्यक्रम’ का विस्तार शामिल है।
‘शिशु संजीवन’ एक ऊर्जा-सघन, रेडी-टू-ईट पोषण पूरक है, जिसे एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रीशन ने आईडीबीआई बैंक के सहयोग से शुरू किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से महाराष्ट्र के नागपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित 104 आंगनवाड़ी केंद्रों के जरिए लगभग 3,150 बच्चों को पोषण लाभ प्रदान किया जाएगा। यह पहल प्रारंभिक बाल्यावस्था में पोषण स्तर में सुधार और कुपोषण से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (सेल) के सीएसआर सहयोग से एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रीशन के ‘गिफ्टमिल्क कार्यक्रम’ के तृतीय चरण का शुभारंभ भी किया गया। इसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ के चार जिलों में स्थित भिलाई स्टील प्लांट के खनन क्षेत्रों के लगभग 84 सरकारी विद्यालयों में करीब 4,000 स्कूली बच्चों को सभी कार्यदिवसों पर 200 मिलीलीटर विटामिन ए एवं डी से सुदृढ़ फ्लेवर्ड दूध निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण स्तर और रोग-प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करना है।
कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व को केवल निर्धारित 2 प्रतिशत योगदान तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए। यह समाज के प्रति एक व्यापक नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि समाज को वापस देना भारत की परंपरा, इतिहास और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। उन्होंने इस आयोजन को विभिन्न मंत्रालयों और एनडीडीबी के संयुक्त प्रयासों का उदाहरण बताया और सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र के सहयोग को योजनाओं की सफलता के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कुपोषण-मुक्त भारत को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य से जोड़ा।
केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि कुपोषण बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने संतुलित आहार और विशेष रूप से दूध की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और यदि दुग्ध उत्पाद गरीब, आदिवासी और वंचित वर्गों तक पहुंचें, तो इसके दूरगामी सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रीशन के प्रयासों की सराहना करते हुए सामूहिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि सुपोषण बच्चों के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने गर्भावस्था से लेकर दो वर्ष की आयु तक के समय को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस अवधि में सही पोषण बच्चों के भविष्य को आकार देता है। उन्होंने एनडीडीबी की पहलों को स्वाद, गुणवत्ता और शुद्धता के संतुलन का उदाहरण बताया तथा गिफ्टमिल्क कार्यक्रम को बड़े पैमाने पर प्रभावी पहल बताया।
एस. पी. सिंह बघेल ने कहा कि कुपोषण उन्मूलन को केवल सीएसआर गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने दूध को शाकाहारी समाज के लिए प्रोटीन का महत्वपूर्ण स्रोत बताते हुए इस क्षेत्र में एनडीडीबी की भूमिका की सराहना की।
सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रीशन (NFN) की सीएसआर पहल सशक्त कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो ग्रामीण भारत तक पोषण पहुंचाने का सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दूध एक ऐसा पोषक तत्व है, जो सहज रूप से उपलब्ध होने के साथ-साथ पोषण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इसके साथ ही मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने ‘कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ पीएम मोदी की दूरदर्शी परिकल्पना है, जिसका उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से समाज को सशक्त बनाना है। उन्होंने एनडीडीबी एवं एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रीशन (NFN) द्वारा सरकारी विद्यालयों के बच्चों को विटामिन A एवं D से फोर्टिफाइड दूध उपलब्ध कराने तथा आंगनवाड़ी केंद्रों पर संचालित ‘शिशु संजीवनी कार्यक्रम’ की सराहना की।
एनडीडीबी के अध्यक्ष मीनेश शाह ने सभी उपस्थित अतिथियों का इस कॉन्क्लेव में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय कॉन्क्लेव पोषण सुरक्षा और कुपोषण उन्मूलन जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर सामूहिक विचार–विमर्श का सशक्त मंच है।
राष्ट्रीय कॉन्क्लेव के दौरान सरकार, कॉरपोरेट जगत, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, डेयरी सहकारी संस्थाओं और विकास संगठनों के प्रतिनिधियों ने कुपोषण उन्मूलन के लिए सहयोगात्मक रणनीतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।


