जनवरी में आधिकारिक रूप से लॉन्च होने के बाद सहकार टैक्सी, जो ऐप स्टोर्स पर ‘भारत टैक्सी’ के नाम से उपलब्ध है, देशभर में तेजी से लोगों का भरोसा जीतती नजर आ रही है। सहकारी मॉडल पर आधारित यह प्लेटफॉर्म उन यात्रियों और टैक्सी चालकों की पसंद बन रहा है, जो निजी कैब कंपनियों के ऊंचे कमीशन और जटिल शर्तों से परेशान हैं।
आम लोगों की बढ़ती दिलचस्पी इसके आंकड़ों में साफ दिखाई देती है। भारत टैक्सी ऐप अब तक एक लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है, जबकि चार लाख से ज्यादा यूजर इस पर पंजीकरण करा चुके हैं। हाल के दिनों में रोजाना 40 से 45 हजार नए यूजर इस प्लेटफॉर्म से जुड़ रहे हैं।
ऐप स्टोर रैंकिंग में भी इसकी लोकप्रियता साफ झलकती है। गूगल प्ले स्टोर पर भारत टैक्सी मोबिलिटी कैटेगरी में टॉप 10 में पहुंच चुकी है, वहीं एप्पल ऐप स्टोर पर यह टॉप 15 ऐप्स में शामिल है। टैक्सी चालकों के लिए बनाए गए अलग ड्राइवर ऐप ने भी तेजी से लोकप्रियता हासिल की है और वह प्ले स्टोर के टॉप 20 ऐप्स में जगह बना चुका है।
सहकार टैक्सी को खास बनाता है इसका ड्राइवर-फ्रेंडली मॉडल। यहां ड्राइवरों को हर सवारी का पूरा किराया मिलता है, क्योंकि किसी तरह का भारी कमीशन नहीं लिया जाता। केवल नाममात्र की सदस्यता फीस पर आधारित यह व्यवस्था ड्राइवरों को स्थिर और भरोसेमंद आय का भरोसा देती है।
इसके अलावा दुर्घटना या आपात स्थिति में सहायता, बीमा और कानूनी मदद जैसी सुविधाएं ड्राइवरों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करती हैं। ‘सहकार से समृद्धि’ की भावना से जुड़ी यह पहल तकनीक और सहकारी सोच को साथ लाकर न सिर्फ टैक्सी चालकों की जिंदगी आसान बना रही है, बल्कि यात्रियों को भी सस्ती, सुरक्षित और पारदर्शी यात्रा का विकल्प दे रही है।


