नए साल के साथ भारत को अपनी पहली राष्ट्रीय सहकारी टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ का बड़ा उपहार मिला है। यह सेवा सहकारिता आधारित ऐप प्लेटफॉर्म के रूप में शुरू की गई है, जिसका लक्ष्य निजी टैक्सी एग्रीगेटर्स पर निर्भरता कम करना और ड्राइवरों व यात्रियों दोनों को न्यायपूर्ण विकल्प उपलब्ध कराना है।
सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के माध्यम से संचालित यह प्लेटफॉर्म ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें ड्राइवर सह-मालिक के रूप में जुड़े रहते हैं और मुनाफे का बड़ा हिस्सा सीधे उन्हें ही प्राप्त होता है। केंद्र सरकार ने इसे देश के प्रमुख शहरों तक चरणबद्ध तरीके से विस्तार देने की योजना बनाई है।
सहकारिता मॉडल और संस्थागत साझेदारी
भारत टैक्सी को देश की आठ प्रमुख सहकारी संस्थाओं अमूल, इफको, कृभको, नाफेड, एनडीडीबी, एनसीईएल, एनसीडीसी और नाबार्ड के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इन संस्थाओं की साझेदारी से इस प्लेटफॉर्म को वित्तीय, तकनीकी और प्रबंधन स्तर पर मज़बूत सहकारी आधार मिलता है, जिससे यह केवल एक ऐप नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सहकारी मॉडल का प्रतीक बनता है।
कंपनी के बोर्ड में ड्राइवरों के दो निर्वाचित प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है, ताकि नीतिगत फैसलों में सीधे ड्राइवर समुदाय की आवाज़ शामिल हो सके। इससे किराया निर्धारण, प्रोत्साहन, सुरक्षा प्रावधान और सेवाओं के विस्तार से संबंधित निर्णय अधिक सहभागी और पारदर्शी बनते हैं।
अमित शाह की घोषणा और उद्देश्य
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मार्च 2024 में संसद में सहकारी टैक्सी सेवा की परिकल्पना प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट किया था कि यह पहल कमर्शियल वाहन चालकों की निजी कंपनियों पर निर्भरता कम करने के लिए शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा था कि इस सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म से होने वाला मुनाफा किसी बड़े कॉरपोरेट घराने के पास नहीं, बल्कि सीधे टैक्सी ड्राइवर के पास जाएगा।
ऐप, पायलट प्रोजेक्ट और डिजिटल पहुंच
भारत टैक्सी ऐप को 2 दिसंबर 2025 से दिल्ली में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया, जहां से इसे बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रतिदिन औसतन 5,500 राइड्स बुक हो रही हैं, जिनमें लगभग 4,000 राइड्स एयरपोर्ट से और 1,500 अन्य क्षेत्रों से हैं।
गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध इस ऐप को लॉन्च के कुछ ही समय में 1 लाख से अधिक डाउनलोड मिल चुके हैं, जबकि प्ले स्टोर पर लगभग 4.8 और ऐपल ऐप स्टोर पर 4.9 की उच्च रेटिंग दर्ज की गई है, जो यात्रियों की संतुष्टि और भरोसे को दर्शाती है। प्लेटफॉर्म पर अब तक लगभग 1.4 लाख से अधिक ड्राइवर रजिस्टर कर चुके हैं, जिससे सेवा नेटवर्क तेजी से विस्तृत हो रहा है।
किराया संरचना और बिना सर्ज प्राइसिंग का लाभ
भारत टैक्सी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां निजी एग्रीगेटर्स की तरह सर्ज प्राइसिंग या बारिश, जाम और पीक ऑवर के नाम पर अचानक बढ़ा हुआ किराया नहीं वसूला जाएगा। यात्रियों के लिए एक पारदर्शी और पूर्व-निर्धारित किराया संरचना लागू की गई है, जिससे हर समय किफायती यात्रा सुनिश्चित हो सके।
किराया ढांचा इस प्रकार रखा गया है: शुरुआती 4 किलोमीटर के लिए 30 रुपये का फिक्स बेस किराया, 4 किमी से 12 किमी तक प्रत्येक किलोमीटर पर 23 रुपये और 12 किमी से अधिक दूरी के लिए प्रत्येक किलोमीटर पर 18 रुपये की दर लागू होगी। उदाहरण के तौर पर, 12 किमी की यात्रा पर कुल किराया 214 रुपये और 15 किमी की यात्रा पर 228 रुपये के आसपास बैठता है, जो वर्तमान बाजार दरों की तुलना में किफायती माना जा रहा है।
ड्राइवरों के लिए ज़ीरो कमीशन और सह-मालिकाना मॉडल
भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म पर ड्राइवरों से भारी-भरकम कमीशन नहीं लिया जाता, बल्कि ज़ीरो कमीशन/फुल फेयर मॉडल में उनकी पूरी कमाई सीधे उनके खाते में जाती है। सहकारी ढांचे के तहत प्लेटफॉर्म से उत्पन्न अतिरिक्त लाभ भी ड्राइवर-सदस्यों में साझा किया जाता है, जिससे उनका आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित होता है।
इस मॉडल में ड्राइवर केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि सहकारी संस्था के सदस्य और सह-मालिक भी हैं। बोर्ड में ड्राइवर प्रतिनिधित्व, लाभांश वितरण और पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया के माध्यम से उन्हें दीर्घकालिक स्थिर आय, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य परिवेश प्रदान करने का लक्ष्य है।
यात्रियों के लिए सुरक्षा, इंटीग्रेशन और सुविधाएं
भारत टैक्सी ऐप में कैब, ऑटो और बाइक सहित विभिन्न श्रेणियों में राइड बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है और इसे मेट्रो जैसी अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के साथ भी इंटीग्रेट किया गया है, जिससे यात्री एक ही प्लेटफॉर्म से मेट्रो टिकट और लास्ट माइल कनेक्टिविटी की बुकिंग कर सकते हैं।
यात्रियों और ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए ऐप का दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा मानकों के साथ समन्वय किया गया है, जहां ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रखा गया है। इमरजेंसी बटन, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग, ट्रिप हिस्ट्री और विश्वसनीय संपर्क (Trusted Contact) के साथ राइड डिटेल शेयर करने जैसे फीचर्स भी शामिल किए गए हैं, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित सभी वर्गों के लिए यह सेवा अधिक सुरक्षित बनती है।
उपयोग में सरलता, भाषाई विकल्प और ऐप फीचर्स
भारत टैक्सी ऐप के होम पेज पर सर्विस, लाइव, टिकट और प्रोफाइल जैसे सरल विकल्प दिए गए हैं, जिनके माध्यम से उपयोगकर्ता आसानी से कैब, ऑटो, बाइक, मेट्रो टिकट, रेंटल और इंटरसिटी सेवाओं का चयन कर सकते हैं। प्रोफाइल सेक्शन में ‘माई राइड्स’, ‘हेल्प एंड सपोर्ट’, भाषा चयन और सेफ्टी सेक्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जहां से यूज़र अपने भरोसेमंद कॉन्टैक्ट जोड़कर लाइव ट्रैकिंग ऑटोमैटिक शेयर कर सकते हैं।
ऐप हिंदी, अंग्रेजी और गुजराती भाषा में उपलब्ध है और आगे चलकर अन्य भारतीय भाषाओं को भी शामिल करने की योजना है, जिससे विभिन्न राज्यों के यात्रियों और ड्राइवरों के लिए इसकी पहुँच और उपयोगिता और अधिक बढ़ेगी। होम और ऑफिस जैसे पते सेव करने की सुविधा के साथ यह ऐप ओला और उबर की तरह ही यूज़र-फ्रेंडली अनुभव प्रदान करता है।
डाउनलोड प्रक्रिया और उचित ऐप की पहचान
भारत टैक्सी की सेवाओं का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को Google Play Store या Apple App Store से “Bharat Taxi – Cab, Auto & Bike” राइडर ऐप डाउनलोड करना होता है, जबकि ड्राइवरों के लिए अलग “Bharat Taxi Driver” ऐप उपलब्ध कराया गया है। उपयोगकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना है कि वे SAHAKAR TAXI COOPERATIVE LIMITED द्वारा जारी आधिकारिक ऐप ही डाउनलोड करें, जिससे किसी भी प्रकार के फर्जी या समान नाम वाले ऐप से बचा जा सके।
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया मोबाइल नंबर और ओटीपी वेरिफिकेशन के माध्यम से सरल और तेज रखी गई है। इसके बाद उपयोगकर्ता पिकअप और ड्रॉप लोकेशन दर्ज कर नज़दीकी उपलब्ध वाहनों में से अपनी पसंद की राइड चुन सकते हैं और लाइव ट्रैकिंग के माध्यम से सुरक्षित यात्रा कर सकते हैं।
ओला-उबर के सामने नया सरकारी विकल्प
भारत टैक्सी के माध्यम से सरकार और सहकारी क्षेत्र ने मिलकर ऐप-आधारित टैक्सी बाजार में एक संरचित, पारदर्शी और विश्वासनीय विकल्प प्रस्तुत किया है, जो निजी कंपनियों की मनमानी कीमतों और उच्च कमीशन मॉडल को चुनौती देता है। दिल्ली में सफल पायलट के बाद इसे देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी चरणबद्ध रूप से लागू करने की तैयारियां चल रही हैं, जिससे शहरी परिवहन प्रणाली को सहकारी और समावेशी दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।
इस पहल से एक तरफ जहां ड्राइवरों को अधिक आय, सह-मालिकाना और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ यात्रियों को किफायती, सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा विकल्प उपलब्ध होंगे, जो विकसित भारत के लिए आधुनिक और समावेशी शहरी गतिशीलता का आधार बन सकते हैं।


