नई दिल्ली के कमानी सभागार में वर्ष 2025 का इफको साहित्य सम्मान समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया। समारोह के दौरान इफको के वरिष्ठ पदाधिकारियों और साहित्य जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति रही।
इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इफको केवल कृषि उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की वैचारिक और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि “सहकार से समृद्धि” के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए इफको साहित्य और सृजनशीलता को नई दिशा देने का निरंतर प्रयास कर रहा है।

दिलीप संघाणी ने बताया कि इफको बीते पाँच दशकों से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले उर्वरक उचित दरों पर उपलब्ध करा रहा है। आत्मनिर्भर भारत और सतत कृषि के लक्ष्य की दिशा में इफको ने स्वदेशी तकनीक से दुनिया का पहला नैनो उर्वरक विकसित किया है। नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो जिंक और नैनो कॉपर जैसे उत्पाद किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मृदा, जल और वायु प्रदूषण को कम करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।
समारोह में वर्ष 2025 का इफको साहित्य सम्मान प्रसिद्ध लेखिका श्रीमती मैत्रेयी पुष्पा को प्रदान किया गया। उन्हें यह सम्मान हिंदी साहित्य में ग्रामीण और कृषि जीवन के सशक्त चित्रण के लिए दिया गया। वहीं इफको युवा साहित्य सम्मान 2025 से श्रीमती अंकिता जैन को उनकी सृजनात्मक लेखनी और समकालीन साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर इफको के तकनीकी निदेशक ए. के. शर्मा, वरिष्ठ लेखिका चंद्रकांता, पत्रकार अनंत विजय, उत्कर्ष शुक्ल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इफको के तकनीकी निदेशक ए. के. शर्मा ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिवादन किया।


