उत्तर भारत इन दिनों कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक शीतलहर का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में ठंड के साथ-साथ घना कोहरा छाया हुआ है।
राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह घना कोहरा छाने की आशंका है, जिसको देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कम दृश्यता के कारण रविवार को करीब 100 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, वहीं कई राज्यों से दिल्ली आने वाली ट्रेनें लगभग 5 घंटे की देरी से चलीं।
उत्तर प्रदेश में एक जनवरी तक स्कूल बंद
उत्तर प्रदेश में बढ़ती ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है। लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों को एक जनवरी तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सबसे ठंडे इलाके
अगर न्यूनतम तापमान की बात करें तो जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग में पारा माइनस 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। हिमाचल प्रदेश के कुकुमसेरी में माइनस 4.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। राजस्थान के फतेहपुर में 2.1 डिग्री, झारखंड के कांके और हरियाणा के हिसार में 2.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। पंजाब के फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री और बिहार के गया में 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
बिहार में ठंड से लोग कांप रहे
बिहार के सभी जिलों में शीत दिवस जैसे हालात बने हुए हैं। पटना सहित कई इलाकों में ठंडी हवाओं और घने कोहरे के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने एक जनवरी तक ठंड से राहत के कोई आसार नहीं जताए हैं और कोहरे को लेकर चेतावनी भी जारी की है।
फिलहाल राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली में 31 दिसंबर तक घना कोहरा बना रह सकता है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भी ठंड और कोहरे का असर जारी रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 30 दिसंबर के बाद पहाड़ी इलाकों में ठंड और बढ़ सकती है।
खेती पर ठंड के असर को लेकर विशषज्ञ राय
ठंड को देखते हुए हमने कृषि विशेषज्ञ व वरिष्ठ पत्रकार डॉ. एस पी सिंह से बात की। उनसे पूछा की इस मौसम का कृषि पर क्या असर होगा?
जवाब में कृषि विशेषज्ञ व वरिष्ठ पत्रकार एस पी सिंह ने बताया गेहूं की फसल के लिए ये मौसम लाभकारी है मानो जैसे सोना बरस रहा हो। उन्होंने आगे यदि तापमान 5 डिग्री से नीचे जाता है तो आलू की फसल और फूली हुई सरसों की फसल को नुकसान पहुँच सकता है।


