अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के तहत NCDC ने उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में उत्कृष्ट सहकारी समितियों और एफपीओ को सम्मानित किया। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 7 सहकारी संस्थाओं को पुरस्कार दिए, जबकि रायपुर में 9 संस्थानों को क्षेत्रीय उत्कृष्टता सम्मान मिला।
अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 को खास बनाने के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) देशभर में सहकारी संस्थाओं को प्रोत्साहित कर रहा है। इसी क्रम में 23 दिसंबर 2025 को उत्तराखंड में आयोजित कार्यक्रम में राज्य की 7 बेहतरीन सहकारी समितियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुरस्कार देते हुए कहा कि आज सहकारिताएं किसानों, महिलाओं और ग्रामीण समुदायों के जीवन में सीधा बदलाव ला रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गांवों में सहकारी संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे कॉमन सर्विस सेंटर लोगों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ रहे हैं। वहीं सहकारी समितियों के जरिए संचालित जन औषधि केंद्रों से लोगों को सस्ती दवाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिताओं की लोकतांत्रिक और सामूहिक व्यवस्था उन्हें सरकारी योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने में बेहद कारगर बनाती है।
इसी तरह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एनसीडीसी के क्षेत्रीय कार्यालय ने 7 सहकारी समितियों और 2 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को क्षेत्रीय सहकारी उत्कृष्टता और मेरिट पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया। पुरस्कार छत्तीसगढ़ सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना ने प्रदान किए।
कार्यक्रम में सहकारिता आयुक्त कुलदीप शर्मा, एनसीडीसी के क्षेत्रीय निदेशक किंचित जोशी और राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। किंचित जोशी ने बताया कि एनसीडीसी 1963 से देशभर में सहकारी आंदोलन को मजबूत कर रहा है और अब तक करीब 4.33 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दे चुका है। इसका बड़ा लाभ किसानों, महिला सहकारिताओं और आदिवासी समुदायों को मिला है।
डॉ. प्रसन्ना ने कहा कि ऐसे सम्मान सहकारी संस्थाओं को बेहतर काम करने की प्रेरणा देते हैं और उन्हें और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाते हैं।
उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में हुए ये कार्यक्रम साफ तौर पर दिखाते हैं कि सहकारिताएं आज सिर्फ संस्थाएं नहीं बल्कि गांव, किसान और आम लोगों के विकास की मजबूत ताकत बन चुकी हैं।


