गृह एंव सहकारिता मंत्री अमित शाह ने संसद में बताया की ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के तहत ओडिशा में सहकारी क्षेत्र का उल्लेखनीय विस्तार और सुदृढ़ीकरण हुआ है। 15 नवंबर 2025 तक राज्य में 2,039 नई सहकारी समितियों का पंजीकरण हुआ, जबकि 4,240 पैक्स को कंप्यूटरीकरण के लिए मंजूरी दी गई।
उन्होंने बताया कि इन पहलों का उद्देश्य प्रत्येक पंचायत और गांव में सहकारी संस्थाओं की उपस्थिति सुनिश्चित करना, ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाना और किसानों की आय बढ़ाना है।
15 नवंबर 2025 तक ओडिशा में कुल 2,039 नई बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों का पंजीकरण किया गया है। इनमें 1,537 प्राथमिक कृषि साख समितियां (पैक्स), 451 डेयरी सहकारी समितियां और 51 मत्स्य सहकारी समितियां शामिल हैं। इसके अलावा 209 डेयरी सहकारी समितियों को सशक्त किया गया है।
राज्य को पैक्स के कंप्यूटरीकरण की राष्ट्रीय योजना से भी जोड़ा गया है। इसके तहत 4,240 पैक्स को ईआरपी आधारित कॉमन नेशनल सॉफ्टवेयर के लिए स्वीकृति दी गई है, जिससे पारदर्शिता और कार्यकुशलता में वृद्धि हुई है।
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) ने वर्ष 2022–23 से 2024–25 के बीच ओडिशा को सहकारी विकास के लिए 10.74 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है। महिला एवं जनजातीय सहकारी संस्थाओं पर विशेष ध्यान देते हुए, महिलाओं और अनुसूचित जनजाति की उल्लेखनीय भागीदारी वाली संस्थाओं को 0.20 करोड़ रुपये की लक्षित सहायता दी गई है। इसके अतिरिक्त, पैक्स कंप्यूटरीकरण परियोजना के तहत वित्त वर्ष 2025–26 में केंद्रीय अंश के रूप में 18.07 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
क्षमता निर्माण को भी प्राथमिकता दी गई है। ओडिशा के सहकारी प्रशिक्षण संस्थानों को 1.24 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई, जिसके माध्यम से 135 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए और 4,100 से अधिक पैक्स कर्मियों को लाभ मिला।


