भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (IFFCO) के चेयरमैन दिलीप संघाणी ने कोयंबटूर स्थित IFFCO–नैनोवेंटियन्स के निर्माण एवं अनुसंधान केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने से जुड़ी उन्नत अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों तथा चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की।
अपने दौरे के दौरान संघाणी ने नैनोवेंटियन्स के वैज्ञानिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों से संवाद किया तथा देशभर से आए IFFCO के राज्य विपणन प्रबंधकों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्माण-सह-अनुसंधान सुविधा का विस्तृत निरीक्षण किया और केंद्र में संचालित विभिन्न अनुसंधान पहलों की प्रगति का आकलन किया।
संघाणी ने अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का दौरा कर अनुसंधान टीमों के साथ नवाचार आधारित प्रमुख परियोजनाओं पर गहन चर्चा की। टीमों द्वारा प्रदर्शित वैज्ञानिक उत्कृष्टता और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे केंद्रित अनुसंधान प्रयास ही एक मजबूत और टिकाऊ कृषि प्रणाली के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
अधिकारियों ने चेयरमैन को ‘धारा अमृत गोल्ड’ नामक नए उत्पाद के बारे में जानकारी दी, जो एक सिलिकॉन-आधारित प्राकृतिक मृदा सुधारक है और शीघ्र ही बाजार में लॉन्च किया जाएगा। प्राकृतिक और सतत खेती को समर्थन देने के उद्देश्य से विकसित यह उत्पाद मिट्टी की संरचना में सुधार, नमी धारण क्षमता बढ़ाने, पौधों की कोशिका दीवारों को मजबूत करने तथा सूखा और गर्मी जैसी तनावपूर्ण परिस्थितियों के प्रति सहनशीलता बढ़ाने में सहायक है। इसके साथ ही यह पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करता है, जड़ और तने के विकास को सशक्त बनाता है, फसल की उपज एवं गुणवत्ता बढ़ाता है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करता है।
किसानों, वैज्ञानिकों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए संघाणी ने “सहकार से समृद्धि” के दृष्टिकोण को दोहराया और किसानों से रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को धीरे-धीरे कम करने का आग्रह किया। उन्होंने IFFCO नैनो उर्वरकों, धारा अमृत गोल्ड और प्राकृतिक खेती पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक मृदा स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सतत कृषि विकास के लिए ये कदम अत्यंत आवश्यक हैं।
उन्होंने IFFCO और नैनोवेंटियन्स के अधिकारियों को अनुसंधान एवं विकास को और सुदृढ़ करने की सलाह दी ताकि किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले, पोषक तत्वों की दृष्टि से दक्ष उत्पाद और विश्वसनीय सेवाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि निरंतर नवाचार और मजबूत सहकारी प्रयासों का संयोजन ही फसल उत्पादकता बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने और उनकी समग्र समृद्धि सुनिश्चित करने की कुंजी है।
इस अवसर पर IFFCO के प्रबंध निदेशक के. जे. पटेल, निदेशक (सीआरएस) बिरिंदर सिंह, IFFCO–नैनोवेंटियन्स के प्रबंध निदेशक अरुणाचलम लक्ष्मण, नैनोवेंटियन्स बोर्ड के सदस्य, IFFCO कलोल नैनो प्लांट के प्रमुख पी. के. सिंह, सभी राज्य विपणन प्रमुख तथा IFFCO के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


