Trending News

एशियन गेम्स में भारत को चौथा मेडल, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में सुचिका को ब्रॉन्ज एशियन गेम्स 2026: शूटिंग में भारत को तीसरा मेडल, मेन्स 10 मीटर एयर राइफल टीम ने सिल्वर जीता दिल्ली हाईकोर्ट को मिले 7 नए जज, 50 हुई कार्यरत जजों की संख्या MP पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026: 7,500 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, ऑनलाइन आवेदन 22 सितंबर 2026 से शुरू राजस्थान निकाय चुनाव: आज 273 निकायों में मेयर, सभापति और अध्यक्ष के चुनाव होंगे एशियन गेम्स में भारत को चौथा मेडल, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में सुचिका को ब्रॉन्ज एशियन गेम्स 2026: शूटिंग में भारत को तीसरा मेडल, मेन्स 10 मीटर एयर राइफल टीम ने सिल्वर जीता दिल्ली हाईकोर्ट को मिले 7 नए जज, 50 हुई कार्यरत जजों की संख्या MP पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026: 7,500 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, ऑनलाइन आवेदन 22 सितंबर 2026 से शुरू राजस्थान निकाय चुनाव: आज 273 निकायों में मेयर, सभापति और अध्यक्ष के चुनाव होंगे

IFFCO के एमडी के. जे. पटेल बोले- कच्चे माल की दीर्घकालिक सुरक्षा राष्ट्र की शीर्ष प्राथमिकता

पटेल ने बताया कि IFFCO किसानों के लिए बनी एक सहकारी संस्था है, और इसलिए वह उत्पादन लागत स्थिर रखने तथा घरेलू सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए आक्रामक बैकवर्ड-इंटीग्रेशन रणनीति पर काम कर रही है

Published: 12:54pm, 11 Dec 2025

IFFCO के प्रबंध निदेशक के. जे. पटेल ने कहा है कि उर्वरक निर्माण के लिए आवश्यक प्रमुख कच्चे माल तक दीर्घकालिक पहुंच सुनिश्चित करना अब एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन चुकी है। यह न केवल उर्वरक कीमतों को किफायती रखने के लिए जरूरी है, बल्कि भारत की कृषि अर्थव्यवस्था की स्थिरता से भी सीधे जुड़ा हुआ है।

हाल ही में मीडिया से बातचीत में उन्होंने चेतावनी दी कि अस्थिर या महंगी वैश्विक सप्लाई चेन पर निर्भरता देश की कृषि रीढ़ को गंभीर जोखिमों के सामने ला देती है। उन्होंने कहा कि कच्चे माल की सुरक्षा उर्वरक की किफायत, खाद्य प्रणाली की लचीलापन और करोड़ों किसानों की आर्थिक सुरक्षा से सीधे जुड़ी है।

पटेल ने बताया कि IFFCO किसानों के लिए बनी एक सहकारी संस्था है, और इसलिए वह उत्पादन लागत स्थिर रखने तथा घरेलू सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए आक्रामक बैकवर्ड-इंटीग्रेशन रणनीति पर काम कर रही है। यह केवल कॉर्पोरेट पहल नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आवश्यकता है, खासकर उस समय जब भू-राजनीतिक तनाव, सप्लाई चेन बाधाएँ और बढ़ती वैश्विक कमोडिटी कीमतें उर्वरक आयात को अनिश्चित बनाती जा रही हैं।

भारत अब भी रॉक फॉस्फेट, फॉस्फोरिक एसिड, पोटाश और कई अन्य मध्यवर्ती कच्चे माल के आयात पर भारी निर्भर है। ऐसे में अस्थिर अंतरराष्ट्रीय बाजार और बढ़ती घरेलू मांग दोहरी चुनौती पेश कर रहे हैं।

इन चुनौतियों से निपटने के लिए IFFCO अपने वैश्विक विस्तार की तैयारी कर रहा है और ऐसे संयुक्त उपक्रम (JV) प्रोजेक्ट्स तलाश रहा है जो महत्वपूर्ण कच्चे माल की लंबी अवधि की सप्लाई सुनिश्चित कर सकें। पटेल ने बताया कि सहकारी संस्था श्रीलंका, जॉर्डन और सेनेगल में साझेदारियों की संभावनाओं की सक्रिय रूप से जांच कर रही है, जहां प्रत्येक देश की रणनीतिक कच्चा-माल क्षमता इसे उपयुक्त बनाती है।

श्रीलंका में IFFCO उच्च गुणवत्ता वाले रॉक फॉस्फेट भंडार के आधार पर डीएपी या फॉस्फोरिक एसिड उत्पादन के लिए संयुक्त उपक्रम की व्यवहार्यता पर विचार कर रहा है।
जॉर्डन में IFFCO पहले से ही जॉर्डन इंडिया फर्टिलाइज़र कंपनी में 52% हिस्सेदारी रखता है और वहां फॉस्फोरिक एसिड उत्पादन को 0.5 मिलियन टन से बढ़ाकर 1 मिलियन टन वार्षिक करने की योजना है।
सेनेगल, जो अफ्रीका का प्रमुख रॉक-फॉस्फेट निर्यातक है, को भी इसी तरह के बैकवर्ड-इंटीग्रेशन मॉडल के लिए विचार किया जा रहा है, जिसमें बाय-बैक व्यवस्था के तहत सीधे भारत को आपूर्ति का विकल्प होगा।

ये प्रयास वैश्विक रुझानों के अनुरूप हैं, जहां उर्वरक उत्पादक देश और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खनन और प्रोसेसिंग क्षमताओं को सुरक्षित कर रही हैं ताकि बाज़ार के झटकों से बचा जा सके। रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद वैश्विक आपूर्ति व्यवधान और मूल्य उछाल के समय भारत की कमजोरी साफ दिखाई दी थी। ऐसे में अग्रिम अनुबंध और संयुक्त उपक्रम लागत नियंत्रण, पूर्वानुमेयता और दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करते हैं।

कच्चे माल की सुरक्षा के साथ-साथ पटेल ने नैनो उर्वरकों की परिवर्तनकारी भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नैनो-यूरिया और नैनो-डीएपी भविष्य की टिकाऊ और कुशल कृषि का आधार बनेंगे- ये इनपुट लागत कम करेंगे, उत्पादकता बढ़ाएंगे और भारत की आयात निर्भरता को काफी घटा सकते हैं। उनका कहना है कि नवाचार और वैश्विक एकीकरण मिलकर एक मजबूत, आत्मनिर्भर उर्वरक प्रणाली की नींव रखेंगे।

के. जे. पटेल ने दोहराया कि IFFCO किसानों और देश की खाद्य सुरक्षा को स्थिर आपूर्ति, तकनीकी प्रगति और रणनीतिक वैश्विक साझेदारियों के माध्यम से संरक्षण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Diksha

Recent Post