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गुजरात EARTH समिट 2025 में सहकारिता क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की शुरुआत, 13 से अधिक नई सहकारी सेवाओं का शुभारंभ

सहकारिता के बहुउद्देशीय स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए शाह ने कहा कि सहकारी मॉडल के माध्यम से अब स्वास्थ्य, जीवन, कृषि और दुर्घटना बीमा जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे किसानों, पशुपालकों और मछुआरों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

Published: 11:24am, 08 Dec 2025

गुजरात की राजधानी गांधीनगर में आयोजित EARTH समिट 2025 में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारिता क्षेत्र में नई डिजिटल क्रांति की शुरुआत की। इस अवसर पर ‘सहकार सारथी’ पहल के तहत 13 से अधिक डिजिटल सेवाओं और उत्पादों का शुभारंभ किया गया, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाने का लक्ष्य रखते हैं।

EARTH समिट 2025 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज का दिवस भारत के सहकारिता क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि यहां से ग्रामीण विकास, किसानों की आय वृद्धि और सहकारी संस्थाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में नए आयाम स्थापित होने जा रहे हैं।

शाह ने कहा कि सहकारिता अब केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से ग्रामीण समाज के सर्वांगीण विकास का प्रमुख साधन सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर किसानों, महिला स्वयंसेवी समूहों और सहकारी संस्थाओं की सामर्थ्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई दी जाएगी।

उन्होंने जानकारी दी कि ‘सहकार सारथी’ में Digi-KCC, Campaign Sarathi, Website Sarathi, Cooperative Governance Index, ePACS, World’s Largest Grain Storage Application, Shiksha Sarathi तथा Sarathi Technology Forum जैसी सेवाएं शामिल की गई हैं, जिनसे वित्तीय प्रक्रियाओं, वितरण, KYC, कानूनी दस्तावेजों तथा ट्रैकिंग व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार सुनिश्चित होगा।

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से ग्रामीण विकास को राष्ट्रीय विकास का केंद्र बनाया गया है। सहकारिता मंत्रालय का लक्ष्य प्रत्येक पंचायत में सहकारी संस्था स्थापित कर सदस्यता को 50 करोड़ से अधिक तक बढ़ाना तथा सहकारिता के GDP योगदान को निर्णायक रूप से ऊपर ले जाना है।

उन्होंने गुजरात में लागू ‘Cooperation Among Cooperatives’ मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि मार्केट, डेयरी, PACS तथा अन्य सहकारी संस्थाओं को जिला स्तर पर एकीकृत करने से कम लागत वाली जमा राशि में वृद्धि हुई है और सहकारी क्षेत्र की ऋण क्षमता पांच गुना तक बढ़ी है।

अमित शाह ने कहा कि NABARD द्वारा विकसित ‘सहकार सारथी’ के माध्यम से सभी जिला केंद्रीय, राज्य, कृषि और शहरी सहकारी बैंकों को एकीकृत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ऋण वितरण, वसूली, KYC, लीगल डॉक्यूमेंटेशन, डिजिटल मॉनिटरिंग तथा भूमि आधारित प्रक्रियाओं को तेज बनाया जा सकेगा।

केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि आगामी समय में ई-केसीसी कार्ड का उपयोग करने वाले किसानों को अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे कृषि वित्तीय प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाया जा सकेगा।

कृषि और डेयरी क्षेत्र पर प्रकाश डालते हुए शाह ने कहा कि गुजरात ने डेयरी क्षेत्र में पूर्ण सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल स्थापित कर लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने का नया मार्ग प्रस्तुत किया है। वर्तमान में लगभग 49 लाख किसान प्रमाणित जैविक उत्पादन से जुड़े हैं और 40 से अधिक ऑर्गेनिक उत्पाद ऑनलाइन उपलब्ध हैं। वर्ष 2035 तक भारत को वैश्विक ऑर्गेनिक मार्केट में अग्रणी बनाने के लिए Bharat Organics और Amul के साथ राष्ट्रीय लैब नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि ‘सहकार टैक्सी’ प्लेटफॉर्म के ट्रायल के दौरान ही 51,000 से अधिक ड्राइवर जुड़े हैं और भविष्य में इसे देश की सबसे बड़ी सहकारी टैक्सी सेवाओं में विकसित किया जाएगा। साथ ही, सहकारी मॉडल के माध्यम से Health, Life, Agriculture और Accidental Insurance को समेकित कर बहु-क्षेत्रीय सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।

अमित शाह ने कहा कि महात्मा गांधी ने हमेशा ग्राम विकास को राष्ट्र निर्माण का मूल कहा था, किंतु स्वतंत्रता के बाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि, पशुपालन और सहकारिता को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में आगे बढ़ाया गया है।

शाह ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि आने वाले वर्षों में हर पंचायत में एक सहकारी संस्था स्थापित की जाए, सहकारी सदस्यता को 50 करोड़ से अधिक बढ़ाया जाए तथा सहकारी क्षेत्र का GDP में योगदान बढ़ाया जाए। जब ये लक्ष्य पूरे होंगे, तब छोटी किसान महिलाओं से लेकर ग्रामीण पशुपालकों तक कोई भी नागरिक विकास की मुख्यधारा से वंचित नहीं रहेगा।

कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, विधानसभा अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी, कृषि एवं सहकारिता मंत्री जीतू भाई वाघाणी तथा NABARD के चेयरमैन सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

YuvaSahakar Desk