केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में संबोधन के दौरान घोषणा की कि Digital Bharat Nidhi (DBN) ग्रामीण भारत में एक व्यापक डिजिटल इकोसिस्टम तैयार करेगा। इस पहल के तहत देशभर के दूरदराज इलाकों में डिजिटल सेवाओं, हाई-स्पीड इंटरनेट और तकनीकी सुविधाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
इस मिशन के तहत BharatNet के माध्यम से तेज गति वाली ब्रॉडबैंड सेवा प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) जैसी संस्थाओं तक उपलब्ध कराई जाएगी। NABARD द्वारा समर्थित PACS के साथ-साथ NABARD के विभिन्न प्रोजेक्ट्स में ICT इंफ्रास्ट्रक्चर भी बड़े पैमाने पर स्थापित किया जाएगा। इस सहयोग को औपचारिक रूप देने के लिए 27 मार्च 2025 को DoT के DBN और NABARD के बीच एक महत्वपूर्ण MoU पर हस्ताक्षर किए गए।
बिहार में PACS कंप्यूटरीकरण परियोजना की प्रगति उल्लेखनीय रही है। राज्य के 4,495 स्वीकृत PACS में से 4,465 पूरी तरह ERP प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं, जबकि 4,456 PACS दैनिक प्रक्रियाओं के साथ पूर्ण रूप से संचालन में हैं। यह ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अपनाने और तकनीकी दक्षता के लगातार बढ़ते स्तर को दर्शाता है।
ग्रामीण विकास, कृषि विपणन और डेयरी उत्पादन को मजबूत करने के उद्देश्य से सहकारिता मंत्रालय देशभर में 2 लाख नए मल्टीपर्पज PACS (M-PACS) स्थापित करने के अभियान का नेतृत्व कर रहा है। इनमें डेयरी और फिशरीज कोऑपरेटिव्स को भी शामिल किया जाएगा, ताकि ये संस्थाएं बहुउद्देशीय सुविधाएं प्रदान कर सकें।
इस प्रयास का व्यापक लक्ष्य PACS को बहुमुखी संस्थानों में बदलना, उन्हें राष्ट्रीय योजनाओं के साथ एकीकृत करना और किसानों के लिए क्रेडिट, भंडारण, विपणन और डिजिटल सेवाओं तक पहुंच को सरल बनाना है। साथ ही यह परियोजना सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है, ताकि वंचित समुदायों, ग्रामीण आबादी और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को इंटरनेट, मोबाइल और डिजिटल सेवाओं का लाभ मिल सके।


