लोकसभा में मंगलवार को हुई चर्चा के दौरान केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने उत्तर प्रदेश में सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों की जानकारी दी।
अलीगढ़ के सांसद श्री सतीश कुमार गौतम के BBSSL से जुड़े प्रश्न का उत्तर देते हुए मुरलीधर मोहोल ने बताया कि उत्तर प्रदेश की 4,200 से अधिक सहकारी समितियाँ अब BBSSL की सदस्य हैं। ये समितियाँ ‘भारत बीज’ ब्रांड के तहत उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का उत्पादन और वितरण कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि BBSSL, राज्य कृषि विभाग के साथ समन्वय में किसानों को सीधे मूंगफली, गेहूँ, मसूर और चने जैसी फसलों के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
राष्ट्रीय स्तर पर BBSSL का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। वर्तमान में इसके 33,750 सदस्य सहकारी संस्थाएँ देशभर के 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत हैं, और अब तक लगभग 154 करोड़ रुपये मूल्य के बीजों की बिक्री हो चुकी है।
भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए मोहोल ने कहा कि BBSSL का लक्ष्य 2035 तक विश्व के शीर्ष पाँच बीज उत्पादकों में शामिल होना है। इसके साथ ही संस्था लगभग 25,000 करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार का लक्ष्य निर्धारित कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह पहल सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाना, ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देना और कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है।


