उत्तराखंड सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (DIPR) ने एक आधिकारिक ट्वीट के माध्यम से बताया है कि “सहकार से समृद्धि” पहल के तहत राज्य की सभी 671 सहकारी समितियों का पूर्ण रूप से कम्प्यूटरीकरण कर दिया गया है।
DIPR द्वारा साझा जानकारी के अनुसार, राज्य की 24 सहकारी समितियाँ जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं, जिससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सस्ती दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है।
इसके साथ ही 640 सहकारी समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में विकसित किया गया है, जहाँ गांव स्तर पर नागरिकों को विभिन्न आवश्यक डिजिटल और सरकारी सेवाएँ आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
सहकारी समितियों का यह व्यापक डिजिटलीकरण पारदर्शिता बढ़ाने, सेवा वितरण में सुधार लाने और संचालन को अधिक कुशल बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल से किसानों, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय, स्वास्थ्य एवं सार्वजनिक सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे उनकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति सरल और सुगम हो सकेगी।


