मध्य प्रदेश ने प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसायटीज (PACS) के डिजिटल रूपांतरण में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए पूरे देश में एक नया मानक स्थापित किया है। राज्य ने एक्सक्लूसिव ePACS इकोसिस्टम को तेजी और प्रतिबद्धता के साथ अपनाकर अन्य राज्यों के लिए मिसाल पेश की है।
यह पहल नाबार्ड द्वारा, भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के मार्गदर्शन में लागू की जा रही है, जो जमीनी स्तर की सहकारी संस्थाओं के आधुनिकीकरण में मध्य प्रदेश की असाधारण प्रगति को दर्शाती है।
वित्त वर्ष 2023–24 में ERP आधारित ऑन-सिस्टम ऑडिट लागू करने वाले शुरुआती राज्यों में शामिल होकर मध्य प्रदेश ने डिजिटल नेतृत्व का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस परिवर्तन ने राज्य की हजारों PACS में पारदर्शिता, परिचालन क्षमता और कार्य की सटीकता में उल्लेखनीय सुधार किया है।
इस प्रगति के पीछे लक्षित प्रशिक्षण कार्यक्रम, संरचित मॉनिटरिंग तंत्र और PACS अधिकारियों व मास्टर ट्रेनरों के लिए तैयार की गई वित्तीय प्रोत्साहन योजनाएँ प्रमुख कारक रहीं।
नाबार्ड ने अपने फेसबुक संचार में मध्य प्रदेश को इस बात का आदर्श बताया कि कैसे तकनीक, क्षमता निर्माण और नीतिगत सहयोग मिलकर ग्रामीण सहकारी ढाँचे को मजबूत कर सकते हैं।
नाबार्ड द्वारा साझा की गई यह श्रृंखला PACS कंप्यूटराइजेशन प्रोजेक्ट के तहत देशभर की श्रेष्ठ पहलों को सामने लाती है, जिनमें मध्य प्रदेश नवाचार-केंद्रित ग्रामीण परिवर्तन का चमकता उदाहरण बनकर उभरा है।


