केंद्र सरकार की कैबिनेट ने बुधवार को कुल ₹19,919 करोड़ की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। ये फैसले भारत की औद्योगिक आत्मनिर्भरता, सार्वजनिक परिवहन और रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़े कदम माने जा रहे हैं।
रेयर अर्थ मैग्नेट निर्माण योजना को मंजूरी
सरकार ने ₹7,280 करोड़ की लागत वाली “सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) मैन्युफैक्चरिंग योजना” को हरी झंडी दे दी है।
इस योजना का लक्ष्य प्रति वर्ष 6,000 मीट्रिक टन मैग्नेट बनाना है। ये हाई-टेक मैग्नेट इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन ऊर्जा, मिसाइल तकनीक, मशीनरी और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होते हैं।
यह निर्णय भारत को रणनीतिक क्षेत्रों में आयात-निर्भरता से मुक्त करने की दिशा में बड़ा कदम है।
पुणे मेट्रो फेज-2 का विस्तार, 9,858 करोड़ की स्वीकृति
कैबिनेट ने पुणे मेट्रो के दूसरे चरण के विस्तार को भी मंजूरी दे दी है।
- कुल लंबाई: 31.636 km
- स्टेशनों की संख्या: 28 (सभी एलिवेटेड)
- प्रमुख कॉरिडोर:
- लाइन-4: खराड़ी–हडपसर–स्वारगेट–खड़कवासला
- लाइन-4A: नल स्टॉप–वारजे–माणिक बाग
यह विस्तार पुणे में ट्रैफिक दबाव कम करने, प्रदूषण घटाने और रोज़ाना यात्रा करने वालों के लिए बड़ा राहत देगा।
ओखा–कनालुस रेलवे सेक्शन डबलिंग को मंजूरी
गुजरात के देवभूमि द्वारका (ओखा)–कनालुस सेक्शन को डबल लाइन में बदला जाएगा।
यह परियोजना रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाएगी और इस रणनीतिक तटीय क्षेत्र में माल परिवहन को तेज़ करेगी।
बद्लापुर–करजत खंड पर तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण
महाराष्ट्र के इस व्यस्त कॉरिडोर में अब तीसरी और चौथी लाइन बनेगी, जिससे लोकल तथा लंबी दूरी की ट्रेनें अधिक सुगमता और समयबद्धता से चल सकेंगी।
इससे मुंबई महानगरीय क्षेत्र में भीड़ कम होगी और रेल परिचालन क्षमता में बड़ा सुधार आएगा।
सरकार का फोकस: आत्मनिर्भरता + आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर
इन सभी परियोजनाओं से देश की औद्योगिक क्षमता, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, सार्वजनिक परिवहन और माल ढुलाई नेटवर्क को मजबूत बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से रेयर अर्थ मैग्नेट योजना भारत को वैश्विक रणनीतिक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत स्थान दिलाने में मदद करेगी।


