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कोच जैसी बोले, कोशिश बढ़िया आगाज करने की
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कप्तान कैस्पर ने कहा, फिलहाल ध्यान पूल चरण पर
दो बार की उपविजेता और दो बार तीसरे स्थान पर रहने वाली, अपने खिताब की बाट जोह रही नीदरलैंड की जूनियर टीम 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चेन्नै और मदुरै में होने वाले एफआईएच जूनियर पुरुष हॉकी विश्व कप में शिरकत करने के लिए बृहस्पतिवार रात चेन्नै पहुंच गई। इस बार के संस्करण में इसके इतिहास में सबसे ज्यादा 24 टीमें शिरकत करेंगी और इन्हें चार-चार टीमों को छह पूल में बांटा गया है।
जर्मनी की टीम अब तक सबसे ज्यादा सात बार और मेजबान भारत व अर्जेंटीना ने दो-दो बार, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान ने एक-एक बार खिताब जीता है। नीदरलैंड की टीम ने अब तक हुए इसके सभी 13 संस्करणों में शिरकत की और वह लगातार 14वीं बार इसमें शिरकत करेगी। मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना और बांग्लादेश की जूनियर टीमें सबसे पहले इसमें शिरकत करने के लिए चेन्नै पहुंचीं, जबकि मेजबान भारतीय जूनियर हॉकी टीम भी पहले यहां पहुंच चुकी है।
नीदरलैंड की जूनियर टीम पूल-E में ऑस्ट्रिया, इंग्लैंड और मलेशिया के साथ है और हम अपना अभियान टूर्नामेंट के दूसरे दिन इंग्लैंड के खिलाफ मदुरै में मैच खेलकर करेंगे। नीदरलैंड की कोशिश अपने पहले जूनियर पुरुष हॉकी खिताब जीतने की होगी और उसकी निगाह मजबूत आगाज पर लगी है।

नीदरलैंड की जूनियर टीम के चेन्नै पहुंचने पर उसके कोच जेसी माहियू ने कहा, ‘मैं नीदरलैंड की सीनियर हॉकी टीम के साथ पहले भी कई बार भारत आ चुका हूं और मैं भारत से खूब वाकिफ हूं। भारत में हमारा हर बार गर्मजोशी से स्वागत हुआ है। हमारी नीदरलैंड की जूनियर टीम में कई खिलाड़ी पहली बार यूरोप से बाहर खेलने आए हैं और ऐसे में उनका यह भारत दौरा खासा यादगार रहने वाला है। जहां तक जूनियर पुरुष हॉकी विश्व कप की बात है, यह खासा संघर्षपूर्ण रहने वाला है और इस बार इसमें नए फॉर्मेट के साथ 24 टीमें शिरकत करेंगी और हमारे सामने कई मजबूत टीमें होंगी। हमारी कोशिश जूनियर हॉकी विश्व कप में कदम-दर-कदम बढ़कर बढ़िया आगाज करने पर रहेगी। हम अपने अभियान का आगाज इंग्लैंड के खिलाफ मैच से करेंगे और हम एक समय केवल मैच की बाबत सोच कर आगे बढ़ेंगे।’
नीदरलैंड की जूनियर हॉकी टीम के कप्तान कैस्पर वान डेर वीन ने कहा, ‘हमारी निगाहें जूनियर हॉकी विश्व कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर लगी हैं। जब बात मजबूत प्रतिद्वंद्वी की होती है, तो मैं बहुत आगे की बाबत नहीं सोचता। फिलहाल हमारा ध्यान पूल चरण पर है। हमारे पूल में हमारे सामने इंग्लैंड, ऑस्ट्रिया और मलेशिया के रूप में मजबूत टीमें होंगी और इन सभी से हमें कड़ी चुनौती मिलने की उम्मीद है। हमारी कोशिश अपने पूल के इन सभी मैचों में पूरी शिद्दत से खेलने उतरकर खुद को मजबूत स्थिति में पहुंचाने की होगी। एक बार जब हम पूल चरण को पार कर लेंगे, तो तब हम इसका इंतजार करेंगे कि क्वॉर्टर फाइनल में कौन होगा।’


