चीफ कोच गौतम गंभीर भारत की दक्षिण अफ्रीका के हाथों कोलकाता में ईडन गार्डंस की मुश्किल पिच पर सीरीज का पहला बेहद करीबी क्रिकेट टेस्ट 30 रन से हारने के बाद आलोचकों के निशाने पर हैं। गंभीर ने कोलकाता में भारत की हार के बावजूद कहा कि उन्होंने ही क्यूरेटर से स्पिन की मददगार पिच की मांग की थी और उन्हें ऐसी ही पिच मिली।
इस तरह की पिच के लिए आलोचकों ने भले चीफ कोच गंभीर पर निशाना साधा हो और उन्हें हटाने तक का राग अलापना शुरू कर दिया हो, लेकिन इस बाबत खुद उनका यह कहना सही है कि भारतीय बल्लेबाजों को इस तरह की पिचों पर खेलने के लिए बेहतर बल्लेबाजी कौशल की जरूरत है। भारत के सुनील गावसकर जैसे धुरंधर टेस्ट बल्लेबाज ने सही ही कहा कि टीम इंडिया के बल्लेबाज यदि घरेलू रणजी ट्रॉफी में खेलते रहते, तो वे ऐसी पिचों पर मानसिक और तकनीकी रूप से बेहतर बल्लेबाजी कर सकते थे।
भारत को अब सीरीज 1-1 से ड्रॉ कराने के लिए दक्षिण अफ्रीका से शनिवार से शुरू हो रहा दूसरा और आखिरी क्रिकेट टेस्ट हर हाल में जीतना होगा। भारत की कोलकाता में हार में एक तो टॉस हारने और कप्तान शुभमन गिल के मात्र तीन गेंद खेलने के बाद गर्दन में ऐंठन आने के चलते आगे बल्लेबाजी न कर पाना अहम योगदान रहा। शुभमन गिल यदि पहली पारी में बल्लेबाजी कर गए होते, तो भारत की बढ़त केवल 30 रन की बजाय 100 रन तक हो सकती थी और तब मेजबान टीम दूसरी पारी में 124 रन के लक्ष्य को हासिल करने में सफल हो सकती थी।
भले ही शुभमन गिल भारतीय टीम के साथ गुवाहाटी पहुंच चुके हैं, लेकिन वह अपनी गर्दन में आए खिंचाव से अभी पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। ऐसे में शुभमन गिल का दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से भी भारत की एकादश से बाहर रहना लगभग तय है। शुभमन गिल 2024 में मेहमान न्यूजीलैंड के खिलाफ भी गर्दन में ऐंठन के चलते टेस्ट मैच से बाहर रहे थे। ऐसे में दूसरे टेस्ट में कप्तानी की जिम्मेदारी उपकप्तान ऋषभ पंत ही संभालेंगे।
भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘बेशक शुभमन गिल अपनी गर्दन में आई ऐंठन से ठीक ढंग से उबर रहे हैं। शुभमन गिल को दूसरे टेस्ट में उतारने या न उतारने की बाबत निर्णय हम शुक्रवार शाम को करेंगे। टीम के फिजियो और डॉक्टर ही अंतिम फैसला लेंगे।’
भारतीय टीम के फिजियो और डॉक्टर यह सुनिश्चित करेंगे कि शुभमन गिल गर्दन की ऐंठन से पूरी तरह फिट हो जाएं और यदि वे खेलें तो फिर दुबारा यह दिक्कत न हो। यदि शुभमन गिल की फिटनेस पर जरा सी भी आशंका होती है तो भारतीय टीम उनके खेलने को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाएगी। शुभमन गिल तभी खेलेंगे, जब पूरी तरह फिट पाए जाएंगे।
भारत के ढाई दिन के भीतर कोलकाता में सीरीज का पहला टेस्ट हारने के बाद बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक और चीफ कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में टीम ने पहले टेस्ट में आठ विकेट चटकाने वाले दक्षिण अफ्रीका के ऑफ स्पिनर साइमन हार्मर से निपटने के साथ स्थानीय स्पिनरों के खिलाफ एक पैड पहनकर विशेष अभ्यास किया। शुभमन गिल के बाहर रहने की स्थिति में भारत उनकी जगह साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल और नीतिश कुमार रेड्डी में से किसी एक को एकादश में शामिल करेगा।
शुभमन के बाहर रहने की स्थिति में भारत के तीसरे नंबर पर साई सुदर्शन को उतारने की उम्मीद अधिक है। भारत दूसरे टेस्ट के लिए बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा, बाएं हाथ के लेग स्पिनर कुलदीप यादव और ऑफ स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर की त्रिमूर्ति के साथ उतर सकता है और अक्षर पटेल को बाहर रखकर बल्लेबाजी ऑलराउंडर नीतिश रेड्डी को शामिल कर सकता है।
भारत के बल्लेबाजी कोच कोटक का मानना है कि ऑफ स्पिनर बनाम बाएं हाथ के बल्लेबाज वाले मैच-अप को जरूरत से ज्यादा तूल दिया जा रहा है, क्योंकि कोलकाता टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका ने भी बाएं हाथ के स्पिनर केशव महाराज को खिलाया था, जिसका लाभ भारतीय बल्लेबाजों को मिलना चाहिए था।
कोटक ने कहा, ‘आप एक बात बताइए, दक्षिण अफ्रीका के पास बाएं हाथ का स्पिनर था। यदि हमारी टीम में सात दाएं हाथ के बल्लेबाज होते, तब क्या होता? उनके पास बाएं हाथ के स्पिनर के साथ ऑफ स्पिनर भी है। मेरा मानना है कि जरूरत बेहतर बल्लेबाजी की है। ऑफ स्पिनर के खिलाफ बाएं हाथ का बल्लेबाज आउट होगा ही, ऐसा नहीं है। हमारे पास पहले टेस्ट में दो बाएं हाथ के स्पिनर थे और दक्षिण अफ्रीका की टीम में नौ दाएं हाथ के बल्लेबाज थे, क्या वे सब आउट हो गए? तो मेरा कहना है कि बात को जरूरत से ज्यादा तूल दिया गया।’
इस बात को तूल दिया गया या नहीं, लेकिन भारत के लिए गुवाहाटी की पिच बल्लेबाजों के लिए ज्यादा मुफीद मानी जा रही है, फिर भी मानसिक तौर पर मैच-अप की बात जेहन में रहेगी।


