झारखंड में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रांची में विशेष सहकारिता सम्मेलन सह नाबार्ड झारखंड स्थापना रजत पर्व मनाया गया। कार्यक्रम में वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाए जाने की तैयारियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
रांची के होटल बीएनआर में आयोजित इस सम्मेलन में राज्य के कृषि, पशुपालन और सहकारिता सचिव अबु बकर सिद्दीकी, नाबार्ड झारखंड की मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) दीपमाला घोष, राज्य सहकारिता निदेशक शशि रंजन, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के कुलपति डॉ. एस.सी. दुबे, आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सहकारिता एवं ग्रामीण विकास में नाबार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की।
राज्य में सहकारिता की अपार संभावनाएं
राज्य के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता सचिव अबु बकर सिद्दीकी ने अपने संबोधन में कहा कि नाबार्ड के आने के बाद से झारखंड के किसान आर्थिक रूप से अधिक सशक्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि एग्रीकल्चर फाइनेंसिंग में नाबार्ड की भूमिका केंद्रीय रही है, जिससे किसानों के लिए ऋण उपलब्धता आसान हुई है। सचिव ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की राशि को 50 हजार से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किए जाने की दिशा में कार्य जारी है और इस विषय पर बैंकों व किसानों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
नाबार्ड अपनी जिम्मेदारी निभाता रहा है: सीजीएम
नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक दीपमाला घोष ने बताया कि नाबार्ड की कई योजनाएं संयुक्त बिहार काल से ही झारखंड में लागू रही हैं। उन्होंने कहा कि वाटरशेड प्रोजेक्ट की शुरुआत हजारीबाग से की गई थी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण व कृषि विकास को बढ़ावा मिला। उन्होंने बताया कि राज्य में 1,500 पैक्स का कंप्यूटरीकरण पूरा हो चुका है और 1,300 अतिरिक्त पैक्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना है। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड विश्व का सबसे बड़ा ग्रीन गोदाम बनाने की दिशा में अग्रसर है।
मल्टी पर्पस सेंटर के रूप में विकसित होंगे पैक्स-लैम्प्स
सीजीएम दीपमाला ने घोषणा की कि पैक्स व लैम्प्स को अब मल्टी पर्पस सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां जनऔषधि केंद्र खोलने की योजना भी कार्यान्वित की जाएगी। इसके अलावा 72 स्थानों पर 2500 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम बनाये जाएंगे, जिनमें नाबार्ड वित्तीय सहयोग प्रदान करेगा।
श्रेष्ठ पैक्स-लैम्प्स को प्रदान किया गया सम्मान
कार्यक्रम में राज्य के 10 सर्वश्रेष्ठ पैक्स-लैम्प्स अध्यक्ष/सीईओ को सम्मानित किया गया, जिनमें लोहरदगा, चतरा, गिरिडीह, धनबाद, देवघर और सरायकेला-खरसावां के पैक्स-लैम्प्स शामिल हैं। नाबार्ड ने इन्हें सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया।


