उत्तर प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र को डिजिटल और सेवा आधारित मॉडल से सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जे.पी.एस. राठौर ने घोषणा की कि सहकारिता विभाग अब बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (एम-पैक्स) के माध्यम से किसानों के घर-घर तक खाद पहुंचाने की व्यवस्था लागू करेगा।
यह घोषणा गुरुवार को सहकारिता भवन में आयोजित 72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के समापन समारोह के दौरान की गई। सहकारिता राज्य मंत्री JPS राठौर ने कहा कि इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर प्रणाली विकसित की जा रही है, जिसके माध्यम से किसान घर बैठे अपनी आवश्यकता के अनुसार खाद की बुकिंग कर सकेंगे और ऑनलाइन भुगतान भी कर पाएंगे। एम-पैक्स के कर्मचारी खाद की बोरियां सीधे किसानों के दरवाजे तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।

मंत्री राठौर ने कहा कि सहकारिता जन विश्वास का आधार है, और प्रदेश में सहकारी समितियों के माध्यम से वित्तीय सुदृढ़ीकरण, गोदामों का आधुनिकीकरण, कंप्यूटरीकरण, सौर ऊर्जा प्रयोग तथा खाद वितरण में डिजिटल तकनीक की ओर निरंतर प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि 52 लाख से अधिक नए सदस्य एम-पैक्स सदस्यता के माध्यम से सहकारिता से जुड़े हैं, जबकि जिला सहकारी बैंकों में 2.8 लाख नए खाते खोले गए, जिनसे 544 करोड़ रुपये की जमा राशि प्राप्त हुई है।
समारोह के मुख्य अतिथि वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि वर्ष 2017 से पूर्व सहकारिता क्षेत्र में शासन व्यवस्था के नाम पर अनियमितताएँ थीं, किन्तु वर्तमान सरकार द्वारा सुशासन लागू किए जाने से सहकारिता क्षेत्र को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य के 16 जिला सहकारी बैंक घाटे से उबर कर लाभ में आए हैं, जिससे सहकारी बैंकिंग प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ी है।
आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता योगेश कुमार ने बताया कि प्रदेश की 969 सहकारी समितियों में यूपीआई आधारित क्यूआर कोड लागू किया जा चुका है, और शीघ्र ही सभी एम-पैक्स समितियों को भी क्यूआर कोड प्रणाली से जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम के दौरान सहकारी यूनियन के पांच दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए, तथा जनता दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पात्र आश्रितों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि वितरित की गई।
समारोह में ‘उत्तर प्रदेश उर्वरक प्रबंधन प्रणाली पोर्टल’ का भी शुभारंभ किया गया। स पोर्टल से खाद वितरण की पारदर्शिता और निगरानी में व्यापक सुधार आएगा। इस अवसर पर आईआईएम लखनऊ के प्रो. क्षितिज अवस्थी और नारी शिक्षा निकेतन की प्रो. डॉ. अपर्णा सेंगर ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में पीसीयू, यूपीआरएनएसएस और सहकारी बैंकिंग संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


