केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 13 नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुजरात में सागर ऑर्गेनिक प्लांट का उद्घाटन किया और डेयरी सहकारिता के क्षेत्र में हुई प्रगति को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
अमित शाह ने कहा कि अमूल आज विश्व-स्तर पर सहकारिता का प्रमुख ब्रांड बन चुका है, जिसकी मजबूत नींव गुजरात में दशकों पहले रखी गई थी। उन्होंने बताया कि इस समय 30 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाला सागर ऑर्गेनिक प्लांट NPOP और APEDA से प्रमाणित है, जिससे उत्तर गुजरात के प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को वैश्विक बाजार तक पहुँच मिलने का बड़ा अवसर मिलेगा।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि ऑर्गेनिक प्लांट के विस्तार से किसानों की आय बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध होंगे। उन्होंने किसानों को स्वयं भी ऑर्गेनिक उत्पादों के उपयोग के लिए प्रेरित किया।
डेयरी क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 1960 में प्रतिदिन 3,300 लीटर दूध संग्रह करने वाली दूधसागर डेयरी आज 35 लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता तक पहुँच चुकी है। यह डेयरी गुजरात के 1,250 गाँवों के पशुपालकों के अलावा राजस्थान, हरियाणा, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और हिमाचल प्रदेश के 10 लाख से अधिक दूध उत्पादक समूहों से जुड़ी हुई है तथा 8,000 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल कर रही है।
उन्होंने बताया कि चक्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए देशभर में 75,000 नई प्राथमिक डेयरी समितियों का गठन किया जा रहा है तथा केंद्र सरकार की योजना है कि सहकारी समितियों द्वारा उत्पादित दूध का 50 प्रतिशत देश-दुनिया के बाजारों तक पहुँचाया जाए।
अमित शाह ने कहा कि गुजरात मॉडल ने डेयरी अर्थतंत्र को नई दिशा दी है और तीन बहुराज्यीय सहकारी समितियों के गठन से यह लाभ देश के सभी पशुपालकों तक पहुँचेगा। अमूल के कुल टर्नओवर में 70 प्रतिशत योगदान ग्रामीण क्षेत्रों की माताओं व बहनों का है, जिसने उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई है।


