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राजस्थान में ‘सहकार सदस्यता अभियान’ को बड़ी सफलता, लक्ष्य से 21% अधिक नए सदस्य जुड़े

सरकार का मानना है कि इस अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता की जड़ें और गहरी होंगी, जिससे किसानों और आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ सुचारू रूप से मिल सकेगा। भूमिहीन समितियों को भूमि मिलने से गोदाम निर्माण आसान होगा और भंडारण क्षमता में वृद्धि से कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।

Published: 12:39pm, 06 Nov 2025

राजस्थान (Rajasthan) सरकार के सहकारिता विभाग (Cooperative Department) ने ‘सहकार सदस्यता अभियान’ (Sahkar Membership Drive) के जरिए राज्य में सहकारिता (Cooperatives) की जमीनी ताकत को और मजबूत करने में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं (Youth) और महिलाओं (Women In Cooperatives) को सहकारिता से जोड़ना तथा ग्रामीण स्तर (Rural Area) पर सामूहिक आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना था। निर्धारित 7.34 लाख सदस्यता लक्ष्य के मुकाबले 8.90 लाख से अधिक नए सदस्यों का पंजीकरण कर राज्य ने 21 प्रतिशत की अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है।

अभियान 2 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2025 तक चलाया गया था, जिसे जनता की उत्साही भागीदारी को देखते हुए 22 अक्टूबर तक बढ़ाया गया। इस अवधि में राज्यभर के लगभग 8,500 प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) स्तर पर विशेष सदस्यता शिविर आयोजित किए गए, जिनमें भारी संख्या में ग्रामीणों, किसानों और युवाओं ने भाग लिया।

प्रदेश के विभिन्न संभागों में इस अभियान का प्रभाव व्यापक रहा। जयपुर संभाग में सर्वाधिक 2.03 लाख नए सदस्य जोड़े गए, जबकि उदयपुर में 1.30 लाख, अजमेर में 1.22 लाख, बीकानेर में 1.19 लाख, जोधपुर में 1.53 लाख, भरतपुर में 95 हजार, और कोटा में 68 हजार से अधिक सदस्य बनाए गए। यह आंकड़े इस बात के प्रमाण हैं कि ग्रामीण जनता में सहकारिता के प्रति भरोसा और रुचि लगातार बढ़ रही है।

अभियान के दौरान 1,706 ग्राम पंचायतों में नए PACS गठन के लिए सर्वे पूरा किया गया तथा 1,342 सहकारी समितियों में गोदाम निर्माण हेतु भूमि चिन्हित की गई। इससे न केवल भंडारण क्षमता बढ़ेगी, बल्कि किसानों को अपनी उपज के सुरक्षित भंडारण की सुविधा भी प्राप्त होगी।

सहकारिता विभाग ने इस अवधि में PM किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े 38,850 किसानों की आधार सीडिंग और 27,640 किसानों की ई-केवाईसी भी पूरी की। साथ ही, 11 लाख से अधिक लोगों को प्रस्तावित नवीन सहकारी कानून की जानकारी दी गई, जिससे सहकारिता की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सहभागी बन सके।

राज्य सरकार का मानना है कि यह अभियान न केवल सहकारी तंत्र को सुदृढ़ करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगा। भूमिहीन समितियों को भूमि उपलब्ध होने से गोदाम निर्माण और कृषि भंडारण संरचना को नई दिशा मिलेगी, जिससे किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा और समयबद्ध लाभ मिल सकेगा।

YuvaSahakar Desk