भारत के गांवों में लोकतंत्र की असली ताकत बसती है और अब वही गांव युवाओं के लिए सीखने की नई प्रयोगशाला बन रहे हैं। इसी सोच को साकार रूप देने के लिए पंचायती राज मंत्रालय ने शिक्षा मंत्रालय (स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग) तथा जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से “मॉडल यूथ ग्राम सभा (Model Youth Gram Sabha – MYGS)” की शुरुआत की है। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में इस पहल का औपचारिक शुभारंभ किया गया, जहां मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रशिक्षण मॉड्यूल और MYGS पोर्टल भी लॉन्च किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा इस पहल की सराहना करते हुए कहा गया कि “हमारे युवा गांव के लोकतंत्र की रीढ़ हैं। व्यवहारिक अनुभव से सीखने वाले युवा ही ऐसे नेता बनेंगे जो न केवल सोचेंगे, बल्कि कार्यान्वयन भी करेंगे।” यह कथन ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में युवा नेतृत्व निर्माण का मूल मंत्र है।
1000 से अधिक स्कूलों में लागू होगी पहल
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप, यह कार्यक्रम देशभर के 1000 से अधिक स्कूलों में लागू किया जाएगा। इनमें जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV), एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (EMRS) और राज्य सरकार के स्कूल शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों में लोकतंत्र, निर्णय-प्रक्रिया और सामूहिक भागीदारी की भावना विकसित करना है।
कार्यक्रम के दौरान पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल, जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, पंचायती राज सचिव विवेक भारद्वाज, स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार और जनजातीय कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
“विकसित भारत 2047” के लिए युवा नेतृत्व निर्माण का मंच
राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने कहा कि “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लोकतंत्र की जड़ों को समझने वाले युवा नेताओं का निर्माण जरूरी है। उन्होंने कहा कि मॉडल यूथ ग्राम सभा छात्रों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और नागरिक जिम्मेदारी विकसित करने का एक सशक्त मंच बनेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि शहरी क्षेत्रों में भी ‘मॉडल वार्ड सभा’ जैसी पहल शुरू की जा सकती है, ताकि छात्र शहरी शासन प्रणाली को भी समझ सकें।
लोकतांत्रिक शिक्षा का नया दृष्टिकोण
जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने इस पहल को “भागीदारी आधारित शिक्षा” की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि “मॉडल यूथ ग्राम सभा” युवाओं को निर्णय लेने, सुनने और जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देती है। यह पहल छात्रों को लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज से जोड़ने के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और जीवन कौशल विकसित करने का भी माध्यम बनेगी।
स्थानीय समाधान की कुंजी हैं ग्राम सभाएं
केंद्रीय पंचायती राज सचिव विवेक भारद्वाज ने कहा कि “ग्राम सभा देश की कई समस्याओं के समाधान की कुंजी है।” उन्होंने बताया कि MYGS छात्रों को पारदर्शिता, जवाबदेही और सहभागिता सिखाने का व्यावहारिक अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि “ज्ञान और अनुभव का समन्वय ही शिक्षा का उद्देश्य होना चाहिए, ताकि सीखना समुदाय आधारित और रुचिकर बने।”
टीमवर्क और नेतृत्व कौशल का विकास
स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने कहा कि यह पहल छात्रों को पंचायत राज संस्थाओं की कार्यप्रणाली समझने में मदद करेगी। इससे उनमें नेतृत्व, टीमवर्क, सामाजिक सहभागिता और संतुलित निर्णय क्षमता विकसित होगी। यह न केवल एक शैक्षणिक अभ्यास है, बल्कि युवाओं में जिम्मेदारी, आत्मविश्वास और सक्रिय नागरिकता का बीजारोपण है।
700 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी
लॉन्च कार्यक्रम में 700 से अधिक प्रतिभागी मौजूद थे, जिनमें जवाहर नवोदय विद्यालयों और एकलव्य मॉडल स्कूलों के छात्र-शिक्षक, पंचायत प्रतिनिधि और राज्य स्तरीय अधिकारी शामिल थे।
MYGS युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भागीदारी का व्यावहारिक मंच प्रदान करती है। छात्र ग्राम सभा की तरह “मॉक सत्र” आयोजित करते हैं, जिसमें सरपंच, समिति सदस्य और ग्रामीण की भूमिका निभाई जाती है। वे जलापूर्ति, शिक्षा, स्वच्छता और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा करते हैं और समाधान निकालते हैं।
सर्टिफिकेट और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान
MYGS का संचालन सुनियोजित रूप में होता है। ट्रेनर व मास्टर ट्रेनर को शिक्षा दी जाती है, फिर मॉक ग्राम सभा का आयोजन होता है। इसमें एजेंडा तय किए जाते हैं, भूमिकाएं दी जाती हैं, वित्तीय समीक्षा और कार्ययोजना पर चर्चा होती है। छात्र जलापूर्ति, शिक्षा, स्वच्छता, स्थानीय आधारभूत संरचना जैसे मुद्दों पर संवाद-सहभागिता व समाधानों तक पहुंचने की प्रैक्टिस करते हैं। कार्यक्रम के बाद स्कूलों को आर्थिक सहायता और प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिया जाता है। सर्वश्रेष्ठ टीमों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष दिसंबर में नेशनल सम्मान समारोह होने जा रहा है।
केंद्र सरकार का कहना है कि MYGS केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि छात्रों में जीवन कौशल, पारदर्शिता, समस्या सुलझाने, टीमवर्क और सार्वजनिक बोल की सशक्त ट्रेनिंग है। नवोदय व एकलव्य स्कूलों के छात्र वास्तविक ग्राम सभाओं के नकली रूप में सरपंच, सदस्य, कमेटी सदस्य या सामान्य ग्रामीण बनकर जमीनी प्रशासन की बारीकियां समझते हैं। MYGS पहल भारत के भविष्य को लोकतांत्रिक, भागीदारी-आधारित और सशक्त नागरिक समाज की ओर ले जाने वाली प्रभावशाली नींव सिद्ध होगी।


