भारत में किसानों को सशक्त बनाने और खेती को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम (WEF) ने बुधवार को अपनी नई रिपोर्ट ‘Future Farming in India: A Playbook for Scaling Artificial Intelligence in Agriculture’ जारी की। यह रिपोर्ट ‘AI for India 2030’ पहल के तहत जारी की गई है, जिसे भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA to GoI) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सहयोग से तैयार किया गया है।
डब्ल्यूईएफ के अनुसार, यह प्लेबुक किसानों तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के वास्तविक लाभ पहुंचाने के लिए एक व्यावहारिक रोडमैपप्रदान करती है। इसका मुख्य उद्देश्य फसल उत्पादन बढ़ाना, जलवायु एवं कीट जोखिम को कम करना और किसानों को बेहतर बाजार पहुंच उपलब्ध कराना है।
रिपोर्ट में प्रस्तुत ‘IMPACT AI’ फ्रेमवर्क सरकार, उद्योग, स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को नई दिशा देता है। यह मॉडल तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है—
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Enable (सक्षम बनाना): इसमें सरकारों की भूमिका पर जोर दिया गया है, जिसमें नीतिगत ढांचा, डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और उत्तरदायी एआई गवर्नेंस विकसित करने की बात कही गई है।
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Create (निर्माण): यह स्तंभ उद्योग और स्टार्टअप्स द्वारा संचालित है, जिसमें नए एआई समाधान, परीक्षण सैंडबॉक्स और संस्थागत साझेदारी को प्रोत्साहन देने पर बल है।
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Deliver (प्रभावी पहुंच): इस भाग का उद्देश्य किसानों तक एआई समाधानों की वास्तविक पहुंच सुनिश्चित करना है। इसके तहत स्थानीय भाषाओं में डिजिटल सलाह, एआई मार्केटप्लेस और फीडबैक सिस्टम विकसित करने का प्रस्ताव है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि देशभर के कृषि विज्ञान केंद्र (KVKs), कृषि विस्तार अधिकारी और किसान उत्पादक संगठन (FPOs) को एआई आधारित टूल्स से सुसज्जित किया जाएगा। किसानों को SMS, वॉइस-आधारित ऐप्स और सामुदायिक कार्यशालाओं के माध्यम से डिजिटल सलाह दी जाएगी ताकि तकनीक सीधे उनके निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बन सके।
इसके साथ ही, डब्ल्यूईएफ ने दो और रिपोर्टें जारी की हैं —
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‘AI Playbook for SMEs’ (छोटे व्यवसायों के लिए एआई मार्गदर्शिका)
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‘AI Sandbox Ecosystem’ पर श्वेतपत्र।
ये रिपोर्टें BCG X के सहयोग से तैयार की गई हैं, जिनमें एआई को जिम्मेदारीपूर्वक, समावेशी और बड़े पैमाने पर लागू करने के व्यावहारिक मॉडल दिए गए हैं।


