पशुपालन और डेयरी विभाग ने बताया है कि देश में दूध उत्पादन में 25 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह उपलब्धि किसानों की मेहनत, पशुओं की देखभाल और आधुनिक डेयरी तकनीकों के उपयोग से संभव हो पाई है।
किसानों की मेहनत और आधुनिक तकनीक का योगदान
पिछले कुछ वर्षों में सरकार और डेयरी विभाग ने किसानों को नई तकनीक, प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इस कारण पशुपालक अब जानवरों की सेहत और दूध उत्पादन पर ज्यादा ध्यान दे पा रहे हैं। MAITRIs (मोबाइल एडवांस्ड इंटीग्रेटेड टेक्नोलॉजी इनिशिएटिव) जैसी सेवाओं ने दूध की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार किया है।
आधुनिक उपकरणों से बढ़ा डेयरी कारोबार
अब किसान केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि आधुनिक उपकरणों और स्मार्ट तकनीक का इस्तेमाल कर अपने डेयरी कारोबार को एक छोटे उद्योग के रूप में विकसित कर रहे हैं।
बेहतर चारा और नियमित जांच से पशु हुए स्वस्थ
विभाग के अनुसार अब किसानों को पशुओं के लिए बेहतर चारा, विटामिन और दवाओं की सुविधा आसानी से मिल रही है। साथ ही पशुओं की नियमित जांच और टीकाकरण से उनकी सेहत बेहतर बनी रहती है। इससे दूध उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है।
मैत्री तकनीक ने जोड़ा किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से
MAITRIs तकनीक किसानों को मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ती है। इसके जरिए वे अपने पशुओं की सेहत, दूध उत्पादन और बिक्री से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड आसानी से देख सकते हैं। वहीं आधुनिक डेयरी प्रोजेक्ट्स में ठंडी डेयरी, दूध संग्रह केंद्र और क्वालिटी कंट्रोल जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं। जिससे दूध खराब होने की समस्या कम हुई है और किसानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं।
आमदनी में इजाफा और रोजगार के नए अवसर
दूध उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ किसानों की आमदनी भी बढ़ रही है। अब किसान डेयरी को एक स्थायी व्यवसाय की तरह अपना रहे हैं। जिससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
सरकारी योजनाओं से मजबूत हुआ डेयरी क्षेत्र
सरकार ने डेयरी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं, जिनमें पशुपालकों को सब्सिडी, प्रशिक्षण और बैंक लोन जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। केंद्र और राज्य स्तर पर संचालित डेयरी मिशनों का सीधा लाभ अब किसानों तक पहुंच रहा है।


