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दिल्ली समेत कई राज्यों में झमाझम बारिश, किसानों की बढ़ी चिंता

स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष (मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन) महेश पलावत के अनुसार, मौसम बदलने की दो प्रमुख वजहें हैं- पहली अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी भरी हवाएं आ रही हैं, जो आपस में टकरा रही हैं, इससे वर्षा की स्थिति बन रही है

Published: 12:16pm, 06 Oct 2025

देश के कई हिस्सों में अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही मौसम ने करवट ले ली है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड में मानसूनी बादल एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार, 6 अक्टूबर 2025 को दिल्ली में येलो अलर्ट जारी किया है। यानी आज राजधानी और आसपास के इलाकों में झमाझम बारिश की पूरी संभावना है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। जहां अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, वहीं न्यूनतम तापमान 23 डिग्री तक गिरने की उम्मीद है। यानी दिल्ली में अब हल्की ठंड की शुरुआत हो चुकी है।

मौसम क्यों बदला?

स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष (मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन) महेश पलावत के अनुसार, मौसम बदलने की दो प्रमुख वजहें हैं- पहली अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी भरी हवाएं आ रही हैं, जो आपस में टकरा रही हैं, इससे वर्षा की स्थिति बन रही है। दूसरा सेंट्रल पाकिस्तान और पंजाब की ओर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी इस बारिश को और तेज कर रहा है।

उत्तर प्रदेश में येलो अलर्ट

उत्तर प्रदेश में भी सोमवार को येलो अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है, जिससे खेतों में खड़ी फसलों पर असर पड़ सकता है।

बिहार में मौसम का कहर

बिहार में आज मध्यम से लेकर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मधुबनी, सुपौल, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा, अररिया और किशनगंज में तेज आंधी और बारिश की संभावना है। वहीं बेगूसराय, समस्तीपुर, दरभंगा समेत अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट जारी है।

उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड के चमोली, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और नैनीताल में आज भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, खासकर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

कृषि पर असर: किसानों की बढ़ी चिंता

धान की कटाई शुरू होने वाली है, ऐसे में लगातार बारिश से फसल भीगने और खराब होने का खतरा है। सब्जी और दालों की फसलें, जो अब तैयार अवस्था में हैं, उन पर ओलावृष्टि और तेज हवाओं से नुकसान हो सकता है। खेतों में पानी भरने से रबी सीजन की बुवाई में भी देरी संभव है।

Diksha

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