केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री (Ministry Of Cooperation) अमित शाह (Amit Shah) ने रविवार को महाराष्ट्र (Maharashtra) के अहिल्यानगर में प्रवर चीनी फैक्ट्री (Sugar Mill) की विस्तारित क्षमता का लोकार्पण किया और पद्मश्री डॉ. विठ्ठलराव विखे पाटिल एवं पद्मभूषण बालासाहेब विखे पाटिल की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस (Devendra Fadnavis), उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde), अजित पवार (Ajit Pawar) और केन्द्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल (Murlidhar Mohil) सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अमित शाह (Amit Shah) ने अपने संबोधन में कहा कि पद्मश्री डॉ. विट्ठलराव विखे पाटिल ने महाराष्ट्र में सहकारिता आंदोलन (Cooperative Movement) की मजबूत नींव रखी और किसानों (Farmers) के जीवन को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र (Maharashtra) के सहकारिता इतिहास में विखे पाटिल, धनंजयराव गाडगिल और बैकुंठ भाई मेहता की त्रिमूर्ति ने ग्रामीण भारत में सहकारी क्रांति का सूत्रपात किया। अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि पद्मश्री विखे पाटिल ने विश्व की पहली कोऑपरेटिव चीनी मिल शुरू कर सहकारिता मॉडल को व्यवहारिक रूप में उतारा, जिससे महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि गुजरात, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के किसान भी समृद्ध हुए।
उन्होंने कहा कि चीनी मिलों का मुनाफा व्यापारियों के बजाय किसानों के खातों में पहुंचाने की व्यवस्था का श्रेय भी विखे पाटिल को जाता है। अमित शाह ने बताया कि डॉ. बालासाहेब विखे पाटिल ने कोऑपरेटिव को मजबूत करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास में सहकारिता के मुनाफे से प्रगति की नई परंपरा शुरू की।
उन्होंने कहा कि डॉ. विखे पाटिल सहकारी चीनी मिल की क्षमता 1950-51 में 500 टन गन्ना प्रतिदिन से बढ़कर आज 7200 टन हो चुकी है और आगामी समय में इसे 15,000 टन प्रतिदिन तक विस्तारित किया जाएगा। अल्कोहल डिस्टिलेशन संयंत्र की क्षमता 15 किलोलीटर से बढ़कर 92 किलोलीटर प्रतिदिन हो गई है और इसे आगे 240 किलोलीटर तक बढ़ाने की अनुमति दी गई है। इसी प्रकार, इथेनॉल संयंत्र की क्षमता 20 किलोलीटर से 150 किलोलीटर तथा बायोगैस प्लांट की क्षमता 12 हजार क्यूबिक मीटर से 30 हजार क्यूबिक मीटर तक पहुंच गई है। कोजेनेरेशन प्लांट भी अब 68 मेगावॉट की क्षमता तक विस्तारित किया गया है।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में चीनी मिलों की संख्या में 67 की वृद्धि हुई है, जबकि चीनी उत्पादन में 10 लाख मीट्रिक टन की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इथेनॉल उत्पादन क्षमता में पांच गुना वृद्धि हुई है और अब पेट्रोल में इथेनॉल की ब्लेंडिंग 20 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने किसानों को राहत देते हुए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का आयकर माफ किया है तथा सहकारी संस्थाओं को टैक्स के मामले में कॉरपोरेट्स के समान दर्जा दिलाया है। इस कदम से सहकारी चीनी मिलों पर हर वर्ष लगभग 4400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ समाप्त हुआ है।
सहकारिता मंत्री ने देश की चीनी मिलों से अपील की कि वे अपने इथेनॉल संयंत्रों को मल्टीफीड यूनिट्स में परिवर्तित करें ताकि सब्जियों के अवशेष, मक्का और चावल से भी इथेनॉल का उत्पादन संभव हो सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस दिशा में आवश्यक वित्तीय सहायता राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम (NCDC) द्वारा प्रदान की जाएगी। शाह ने कहा कि सरकार ने इथेनॉल खरीदी में कोऑपरेटिव्स को प्राथमिकता दी है और शीरे पर जीएसटी को 28 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा रहा है और विखे पाटिल जैसे सहकारिता के अग्रदूतों की प्रेरणा इस अभियान को निरंतर बल प्रदान करती रहेगी।


