आयुक्त कृषि एवं उद्यानिकी चिन्मयी गोपाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में केन्द्र एवं राज्य सरकार तथा आईसीएआर के सहयोग से चल रहे ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के सफल क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।
आयुक्त ने बताया कि यह अभियान 3 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक चलेगा। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लैब टू लैंड विजन’ यानी प्रयोगशाला से खेत तक की सोच को साकार करना है। अभियान के दौरान कृषि विभाग के अधिकारी और वैज्ञानिक गाँव-गाँव जाकर किसानों को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकें, गुणवत्तापूर्ण बीज, संसाधन और किसान हितैषी जानकारियाँ उपलब्ध कराएँगे।
रबी फसलों पर विशेष फोकस
अभियान के तहत रबी मौसम की प्रमुख फसलों से जुड़ी नई तकनीकों, प्राकृतिक खेती और मृदा स्वास्थ्य कार्ड की जानकारी किसानों तक पहुँचाई जाएगी। साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं व नीतियों पर जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे।
इन शिविरों में आईसीएआर व कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रगतिशील किसान, कृषि उद्यमी, एफपीओ और स्वयं सहायता समूह के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
अधिकारियों को प्रचार-प्रसार के निर्देश
आयुक्त चिन्मयी गोपाल ने अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए कि अभियान का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ ले सकें।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में निदेशक मत्स्य पालन संचिता बिश्नोई, अतिरिक्त निदेशक कृषि ईश्वर लाल यादव, अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) एस. एस. शेखावत, निदेशक सीएसडब्ल्यूआरआई (अविका नगर) डॉ. अरुण कुमार तोमर, निदेशक अटारी (जोधपुर) डॉ. जे. पी. मिश्रा, कुलपति तथा कृषि व पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों के अधिकारी एवं विभागीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।


