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सफलता में NYCS बनी मददगार

एनवाईसीएस से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद आशी ने सिलाई-कढ़ाई के क्षेत्र को बखूबी समझा। लगातार प्रैक्टिस से उसके हुनर को सराहना मिलने लगी। आशी ने अपने घर पर ही टेलरिंग का काम शुरू किया। आज वह स्वरोजगार के माध्यम से अच्छी कमाई कर रही हैं और अपने स्वरोजगार को आगे बढ़ाने में जुटी हैं।

Published: 15:24pm, 30 Sep 2025

जिंदगी में सफल होने के लिए मेहनत तो सभी करते हैं, लेकिन जिन्हें सही मार्गदर्शन मिलता है सफलता उन्हीं के कदम चूमती है। नेशनल युवा कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड (एनवाईसीएस) कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को सफल बनाने के लिए सही राह दिखाती है। दिल्ली निवासी 20 वर्षीय आशी वर्मा भी ऐसी ही युवती हैं जिन्होंने एनवाईसीएस से टेलरिंग में कौशल विकास की ट्रेनिंग ली और आज स्वरोजगार के माध्यम से अच्छी कमाई कर रही हैं।    

युवा सहकार से बातचीत में आशी वर्मा ने कहा, ‘मैंने अपने जीवन में देखा कि पढ़ाई तो सब करते ही हैं, लेकिन केवल पढ़ाई से जीवन के संघर्ष में पास नहीं हो सकते। मैंने अपनी इस सोच को दोस्तों के साथ साझा किया, तो उन्होंने मुझे एनवाईसीएस के कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र के बारे में बताया। फिर मैंने वहां जाकर केंद्र के परियोजना समन्वयक से पता किया। उन्होंने कौशल विकास का महत्व बताते हुए बताया कि आज के समय में युवा पीढ़ी को सफल व्यवसाय शुरू करने के लिए कौशल प्रशिक्षण आवश्यक है।

आशी वर्मा ने युवा सहकार को बताया कि एनवाईसीएस इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) के कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के सहयोग से निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण देती है। इसके तहत सेल्फ एम्प्लॉयड टेलरिंग, सीसीटीवी इन्स्टॉलेशन और टेक्नीशियन के तीन महीने के कोर्स करवाए जाते हैं। मैंने टेलरिंग कोर्स में दाखिला ले लिया।  

तीन महीने के प्रशिक्षण के दौरान आशी ने सिलाई, कढ़ाई से संबंधित काफी कुछ सीखा। आशी एनवाईसीएस की ट्रेनर श्रीमती शशिकला का विशेष धन्यवाद देती हैं जिन्होंने सारे विद्यार्थियों को अच्छी ट्रेनिंग दी। लिखित और व्यावहारिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद केंद्र ने कौशल मूल्यांकन के माध्यम से एक परीक्षा आयोजित की। इसके कुछ समय बाद प्रमाण-पत्र वितरण समारोह आयोजन किया गया जिसमें सेक्टर स्किल काउंसिल (एसएससी) द्वारा प्रमाणित सभी प्रशिक्षुओं को को प्रमाण-पत्र व अंकपत्र दिया गया।

आशी बताती हैं, ‘एनवाईसीएस से प्रशिक्षण लेने के बाद मुझे नौकरी का प्रस्ताव मिला, मगर स्नातक की परीक्षा होने के कारण मैंने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। मुझे पहले से सिलाई से संबंधित कुछ चीजें पता थी। प्रशिक्षण केंद्र आने के बाद मुझे प्रोफिशिएंसी मिली और बुनियादी वित्तीय ज्ञान भी मिला। इसके फलस्वरुप मैंने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अपने और अपने घर वालों के लिए अच्छे डिजाइन के कपड़े खुद सिलने लगी।’ 

एनवाईसीएस से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद आशी ने सिलाई-कढ़ाई के क्षेत्र को बखूबी समझा। लगातार प्रैक्टिस से उसके हुनर को सराहना मिलने लगी। आशी ने अपने घर पर ही टेलरिंग का काम शुरू किया। आज वह स्वरोजगार के माध्यम से अच्छी कमाई कर रही हैं और अपने स्वरोजगार को आगे बढ़ाने में जुटी हैं। इसके लिए वह एनवाईसीएस को धन्यवाद देता नहीं भूलती हैं।

YuvaSahakar Desk